लैंसडौन वन प्रभाग क्षेत्र के अंतर्गत कोटद्वार-पुलिंडा मार्ग और खोह नदी में हाथियों के धमकने से खतरा बना हुआ है। भीषण गर्मी के कारण हाथी पानी पीने के लिए नदी में उतर रहे हैं। पुलिस की ओर से डीएफओ को पत्र भेजकर वन कर्मियों की तैनाती और आम जनता को जागरूक करने की बात कही गई है।
हाथी के खतरे से अनजान लोग जहां इस मार्ग पर मार्निंग व इवनिंग वाक पर जा रहे हैं, वहीं गर्मी से निजात पाने के लिए स्थानीय और बाहरी लोगों का खोह नदी में नहाने का सिलसिला भी जारी है। पुलिस उपाधीक्षक जीएल कोहली ने बताया कि डीएफओ को पत्र लिखकर अधीनस्थ कर्मचारियों की तैनाती करने और लोगों को पुलिंडा मार्ग के साथ ही खोह नदी में न उतरने देने के लिए जागरूक करने को कहा है। क्षेत्र के विभिन्न सामाजिक संगठनों की ओर से वन विभाग के साथ ही पुलिस प्रशासन से खतरे वाले स्थानों पर सूचना बोर्ड लगाने की मांग की गई है। महानगर कांग्रेस के अध्यक्ष संजय मित्तल व व्यापार मंडल अध्यक्ष महेंद्र बिष्ट ने खोह नदी में हर आधे किमी पर खतरे के संकेेत देते हुए सूचना बोर्ड लगाने की मांग संबंधित विभाग और पुलिस प्रशासन से की है। डीएफओ अमरेश कुमार का कहना है कि पुलिंडा मार्ग और खोह नदी में खतरे की आशंका के चलते सूचना बोर्ड लगाने के लिए बजट की मांग की गई है। बजट मिलते ही इन कामों को प्राथमिकता के आधार पर कराया जाएगा।