कोटद्वार। लोकसभा चुनाव की आचार संहिता जारी होने से एक दिन पहले उत्तराखंड सरकार ने कोटद्वार विधानसभा क्षेत्र के नींबूचौड़-चिलरखाल मार्ग निर्माण के लिए 18 करोड़ की डीपीआर मंजूर कर शासनादेश जारी कर दिया है। इसी के साथ शासन ने आपदा से क्षतिग्रस्त खोह नदी के ग्रास्टनगंज, गूलर व बीईएल पुल की सुरक्षा के लिए आठ करोड़ की डीपीआर भी मंजूर करते हुए शासनादेश जारी कर दिया है। शनिवार सुबह विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूड़ी ने इन योजनाओं के कार्य का वर्चुअल भूमि पूजन व शिलान्यास करवाया।
विधानसभा अध्यक्ष ऋतु ने बताया कि शनिवार सुबह मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की घोषणा के अंतर्गत स्वीकृत नींबूचौड़-चिलरखाल तक के 12 किमी सड़क का विधिवत भूमि पूजन शिलान्यास कर दिया गया है। वह इस कार्यक्रम में वर्चुअल रूप से शामिल हुईं। बताया कि इस मार्ग के लिए शासन से 18.25 करोड़ रुपये स्वीकृत हुए हैं। उन्होंने इसके लिए मुख्यमंत्री का आभार जताया। भूमि पूजन कार्यक्रम में सहायक अभियंता सत्यप्रकाश, विधायक प्रतिनिधि अनिल बहुगुणा, निवर्तमान पार्षद कमल नेगी, सुरेंद्र आर्य और माया कंडारी समेत कई भाजपा कार्यकर्ता मौजूद रहे। लोनिवि दुगड्डा के अधिशासी अभियंता डीपी सिंह ने बताया कि उक्त सड़क 10 मीटर चौड़ी बनेगी। सड़क का हॉटमिक्स से डामरीकरण (ब्लैक टॉप) होगा। विभाग की ओर से इसके लिए कवायद शुरू कर दी गई है।
आपदा से क्षतिग्रस्त ग्रास्टनगंज, गूलर व बीईएल पुल की सुरक्षा पर खर्च होंगे 7.94 करोड़
कोटद्वार। आचार संहिता लगने से एक दिन पहले शासन ने कोटद्वार में आपदा से क्षतिग्रस्त तीन पुलों की सुरक्षा के लिए 7.94 करोड़ की डीपीआर को मंजूरी प्रदान करते हुए शासनादेश जारी कर दिए हैं। लोनिवि के अधिशासी अभियंता डीपी सिंह ने बताया कि खोह नदी पर बने 100 मीटर स्पान के गूलर पुल के लिए 270.20 करोड़, खोह नदी पर ही बने 90 मीटर स्पान के ग्रास्टनगंज पुल के लिए 236.87 करोड़ रुपये और सुखरो नदी के 300 मीटर स्पान के बीईएल पुल की सुरक्षा के लिए 287.47 करोड़ स्वीकृत करते हुए शासनादेश जारी कर दिया गया है। लोनिवि की ओर से वित्तीय स्वीकृति की प्रत्याशा में पूर्व में ही इनके लिए टेंडर निकाले जा चुके हैं।