कोटद्वार। रिखणीखाल ब्लॉक की ग्राम पंचायत गुठेर्ता के तोक गांव कोटा तल्ला समेत दर्जनभर गांवों में गुलदार की दहशत बरकरार है। लोग शाम ढलते ही घरों में कैद हो जा रहे हैं। वन विभाग की टीम को शुक्रवार रात से लेकर शनिवार देर शाम तक गुलदार की लोकेशन नहीं मिली है। वन विभाग ने कोटा तल्ला में घटनास्थल के पास के पिंजरे को छोड़कर दो अन्य पिंजरों की लोकेशन बदल दी है। क्षेत्र के रास्तों पर लगाए गए कैमरा ट्रेप में भी गुलदार की मूवमेंट नहीं देखी गई।
रक्षाबंधन के दिन बीते 19 अगस्त को कोटा तल्ला में अपनी मां के साथ नानी के घर आए पांच साल के मासूम आदित्य को गुलदार घर के आंगन से उठा ले गया था। गांव के पास उसका क्षत-विक्षत शव मिला था। घटना के बाद से क्षेत्र में गुलदार की दहशत बनी हुई है। वन विभाग की ओर से क्षेत्र में तीन पिंजरे और 15 कैमरा ट्रेप लगाए गए हैं। रेंज अधिकारी नक्षत्र शाह ने बताया कि शनिवार दिन में दो पिंजरों की लोकेशन गांव के रास्तों में बदल दी गई है। 15 सदस्यीय टीम लगातार गश्त पर है। गुलदार नहीं दिखाई दिया है।
उधर, एसडीएम शालिनी मौर्य ने बताया कि रिखणीखाल के थानाध्यक्ष संतोष कुमार की अगुवाई में पुलिस टीम और नायब तहसीलदार मोहित सिंह देउपा की अगुवाई में राजस्वकर्मी भी वन विभाग के साथ गश्त कर रहे हैं। अभी तक गुलदार नहीं देखा गया है। गुठेर्ता की प्रधान मीनाक्षी देवी और समाज सेवी मनोज सिंह ने बताया कि क्षेत्र के कोटा मल्ला, कोटा तल्ला, गुठेर्ता, बामसू, सींधी, हिटोली, पडेरगांव, कंडिया, देवियोंखाल, मैंदणी, पीपलसारी, सिमलधर, बूंगा तल्ला, बूंगा मल्ला समेत कार्बेट पार्क से सटे तैड़िया, कांडा, जवाड़ियूं रौल, दियोड़, कर्तिया, नौदानू, ढिकोलिया, बंजादेवी, कालिंको, रथुवाढाब, झर्त, कुमाल्डी और बड़खेत आदि गांवों तक गुलदार की दहशत बनी हुई है।