कोटद्वार/लैंसडौन। रिखणीखाल के गुलदार प्रभावित गांवों के जनप्रतिनिधियों ने गुठेर्ता के तोक गांव कोटा तल्ला में पांच साल के मासूम को मारने वाले गुलदार को नरभक्षी घोषित कर शूट करने की मांग सरकार से की है। ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही उसे नरभक्षी घोषित नहीं किया गया तो 27 अगस्त को देवियोंखाल व रिखणीखाल के बीच मैंदणी बैंड पर मुख्य मार्ग पर चक्का जाम और बाजार बंद किए जाएंगे।
रिखणीखाल के जनप्रतिनिधियों ने शनिवार को तहसील प्रशासन के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजकर हमलावर गुलदार को नरभक्षी घोषित कर शूट करने की मांग की है। कहा कि रक्षाबंधन के दिन पांच साल के मासूम आदित्य को मारने के बाद से क्षेत्र में गुलदार की दहशत बनी हुई है। लेकिन अभी तक गुलदार को नरभक्षी घोषित नहीं किया जा सका है।
गुलदार क्षेत्र में सक्रिय है। वह कभी भी घटना की पुनरावृत्ति कर सकता है। जनप्रतिनिधियों ने नायब तहसीलदार मोहित सिंह देउपा को ज्ञापन सौंपा। जिसमें हत्यारे गुलदार अथवा बाघ को अगले तीन दिन में नरभक्षी घोषित करने, मृतक आश्रित मुआवजे की राशि बढ़ाने, पीड़ित परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने, सभी मोटर मार्गों और पैदल रास्तों में झाड़ी कटान के लिए बजट जारी करने की मांग की है। कहा कि उनकी मांगें पूरी न होने पर 27 को समस्त रिखणीखाल क्षेत्र में चक्का जाम और बंद किया जाएगा। ज्ञापन सौंपने वालों में कांग्रेस के ब्लॉक अध्यक्ष प्रमोद रावत, मनोज सिंह रावत, सुनील ध्यानी, धनबीर सिंह, दिनेश सिंह, संजय सिंह, मनेंद्र सिंह और देवेन्द्र सिंह समेत कई लोग शामिल रहे।