दस साल पूर्व वर्ष 2006 में स्वीकृत घराट-मुंडला मोटर मार्ग के वन भूमि हस्तांतरण के प्रस्ताव को मंजूरी नहीं मिलने से गुस्साए घाड़ क्षेत्र के ग्रामीणों ने बृहस्पतिवार को लगातार तीसरे दिन तहसील मुख्यालय पर धरना देते हुए प्रदर्शन किया।
ग्रामीणों ने शासन, प्रशासन और वन विभाग पर उनकी उपेक्षा का आरोप लगाते हुए जल्द से जल्द सड़क निर्माण कराने की मांग की। कहा कि जब तक सड़क को वाइल्ड लाइफ बोर्ड से मंजूरी नहीं मिल जाती, तब तक आंदोलन जारी रखा जाएगा।
घराट-मुंडला मोटर मार्ग के निर्माण के लिए क्षेत्रीय ग्रामीणों ने स्व. सरोजनी देवी लोक विकास समिति के बैनर तले कोटद्वार तहसील मुख्यालय में डेरा जमा दिया है। बृहस्पतिवार को लगातार तीसरे दिन ग्रामीणों ने सरकार को चेतावनी दी है कि अब सड़क पर काम शुरू होने के बाद ही आंदोलन खत्म होगा। धरना-प्रदर्शन में समिति के अध्यक्ष राजेंद्र सिंह नेगी, गजे सिंह रावत, गोपाल कृष्ण बड़थ्वाल, दिनेश जुयाल, रमेश भंडारी, गुड्डी देवी, मीरा देवी, विनीता देवी, गुलाब सिंह रावत, हयात सिंह गुसाईं, दिवाकर दुतपुड़ी, जगदीश प्रसाद, दिनेश चंद्र दुतपुड़ी, पुष्पा देवी, नंदी देवी और संतोषी देवी शामिल रहे।
इस मौके पर हुई सभा में वक्ताओं ने कहा कि घाड़ क्षेत्र को सड़क सुविधा प्रदान करने के लिए घराट-मुंडला मोटर मार्ग के लिए एनडी तिवारी सरकार के समय मंजूरी मिल चुकी थी, लेकिन अब तक की सरकारें इस ओर आंखें मूंदे बैठी हैं, अब क्षेत्र की और ज्यादा उपेक्षा बर्दाश्त नहीं की जाएगी। कहा कि सड़क निर्माण के लिए वाइल्ड लाइफ बोर्ड से अनुमति दिलाना भी राज्य सरकार का काम है। लोगों को हर हालत में सड़क चाहिए।