केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने कहा कि केंद्रीय विश्वविद्यालय में लागू सीबीसीएस की समीक्षा की जाएगी। जावड़ेकर बृहस्पतिवार को गढ़वाल विश्वविद्यालय के बिड़ला परिसर छात्रसंघ उद्घाटन समारोह के मौके पर छात्रों को संबोधित कर रहे थे।
समारोह में बतौर मुख्य अतिथि पहुंचे केंद्रीय मंत्री ने कहा कि उच्च शिक्षा में शोध और अनुसंधान ज्यादा हों। हमें शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार करना होगा। इसके लिए जल्द ही सभी राज्यों के शिक्षा मंत्रियों के साथ बैठक की जाएगी। बैठक में विचार मंथन के बाद शिक्षा की नई नीति बनाई जाएगी।
जेएनयू में छात्रों द्वारा कुलपति को बंधक बनाए जाने की घटना का जिक्र कर उन्होंने कहा कि छात्र आंदोलन का मतलब शिक्षकों को बंधक बनाना नहीं है। वह भी छात्र राजनीति के प्रोडक्ट हैं, लिहाजा वह छात्र आंदोलन का सम्मान करते हैं। सीबीसीएस पर बोलते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा कि छात्रों ने सिस्टम को लेकर जो समस्याएं बताई हैं। उन पर विचार किया जाएगा। प्रणाली की समीक्षा की जाएगी।
कुलपति प्रो. जेएल कौल ने विवि के बारे में विभिन्न जानकारियों के साथ ही छात्रावास सुविधा विकसित किए जाने की बात कही। कार्यक्रम में नेता प्रतिपक्ष अजय भट्ट, डा. धन सिंह रावत, प्रो. डीएस नेगी, प्रो. जेपी पचौरी, प्रो. एचबीएस चौहान, छात्रसंघ उपाध्यक्ष अंकुर रावत, सचिव शीला शर्मा, उपाध्यक्ष सुरजीत गैरोला, कोषाध्यक्ष नीरज, सहसचिव कुसुम पांडे, छात्रा प्रतिनिधि शिवानी पांडे आदि मौजूद थे।
केंद्रीय विश्वविद्यालयों में वाई-फाई की शुरुआत श्रीनगर से
केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने कहा जल्द ही देश के सभी केंद्रीय विश्वविद्यालयों में वाई-फाई की सुविधा उपलब्ध होगी। इसकी शुरुआत श्रीनगर से की गई है। केंद्रीय मंत्री ने यहां वाई-फाई सुविधा का उद्घाटन भी किया।
छात्रसंघ पदाधिकारियों ने रखी विभिन्न मांगें
छात्रसंघ उद्घाटन समारोह के दौरान छात्रसंघ पदाधिकारियों ने चौरास मोटर पुल, चौरास स्टेडियम निर्माण की मांग भी रखी। छात्रसंघ अध्यक्ष अंकुर रावत ने कहा कि छात्रावासों में सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं। वहीं सचिव शीला शर्मा ने एमटेक, बीसीए की कक्षाएं शुरू कराए जाने की मांग की है।