केटीआर के पाखरो रेंज में निर्माणाधीन टाइगर सफारी के लिए पहुंच मार्ग।
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राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (एनटीसीए) के बाद केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्रालय की क्षेत्रीय अधिकारियों की टीम ने कार्बेट के कालागढ़ टाइगर रिजर्व वन प्रभाग (केटीआर) के पाखरो रेंज में टाइगर सफारी के लिए किए गए निर्माण कार्यों का निरीक्षण किया। यहां हो रहे निर्माण कार्यों की शिकायत की गई थी, जिस पर टीम ने पाखरो, मोरघट्टी से लेकर कालागढ़ तक हुए निर्माण कार्यों की जानकारी वन विभाग के अधिकारियों से ली।
कोटद्वार से करीब 25 किमी दूर कार्बेट टाइगर रिजर्व के केटीआर वन प्रभाग के पाखरो रेंज में प्रधानमंत्री के ड्रीम प्रोजेक्ट टाइगर सफारी का निर्माण कार्य जोरों पर चल रहा है। राज्य सरकार की ओर से आगामी नवंबर में इसका लोकार्पण प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से कराने की तैयारी की जा रही है कि इसी बीच कुमाऊं मंडल के कुछ लोगों और संस्थाओं की ओर से टाइगर सफारी के लिए अनुमति से अधिक संख्या में पेड़ काटे जाने, सड़क और पुलों का निर्माण करने की शिकायत की गई, जिसकी जांच के लिए गत सितंबर माह के अंतिम सप्ताह में एनटीसीए की तीन सदस्यीय टीम पाखरो, मोरघट्टी समेत क्षेत्र का निरीक्षण करने के लिए पहुंची। एनटीसीए की टीम ने मोरघट्टी और पाखरो वन विश्राम गृहों में किए गए निर्माण को अवैध करार देते हुए उन्हें ध्वस्त करने की संस्तुति की है। इस बीच यह मामला चल ही रहा था कि केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्रालय की एक सदस्यीय टीम ने भी पाखरो टाइगर सफारी समेत पाखरो और मोरघट्टी में हुए निर्माण कार्यों का निरीक्षण किया। केटीआर के डीएफओ किशनचंद ने इसकी पुष्टि की।
106 हेक्टेयर में निर्माणाधीन टाइगर सफारी के लिए केटीआर के पाखरो रेंज में 163 पेड़ों को काटने की अनुमति हासिल की गई है। पर्यटकों की आवाजाही के लिए कालागढ़ नर्सरी चौकी के मध्य जल भराव वाले क्षेत्र में पांच छोटे पुल बनाए गए हैं। कार्बेट का दो तिहाई हिस्सा पौड़ी जिले में पड़ता है। कार्बेट प्रशासन की ओर से इस क्षेत्र में अवस्थापना और विकास कार्य करवाए जा रहे हैं। सभी निर्माण कार्यों के लिए पूर्व में स्वीकृति ली गई है। कोई भी निर्माण कार्य अवैध नहीं है। - किशनचंद डीएफओ कालागढ़ टाइगर रिजर्व वन प्रभाग।