उत्तराखंड अधिकारी, कार्मिक शिक्षक महासंघ की स्थानीय इकाई ने गोल्डन कार्ड में व्याप्त खामियों का अभी तक निराकरण न होने के विरोध में सोमवार को तहसील में गोल्डन कार्ड संबंधी शासनादेश की प्रतियां फूंक विरोध दर्ज कराया।
सोमवार को उत्तराखंड अधिकारी, कार्मिक शिक्षक महासंघ की स्थानीय इकाई से जुड़े शिक्षक कर्मचारी कोटद्वार तहसील में एकत्र हुए। यहां उन्होंने प्रदेश सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए गोल्डन कार्ड के संबंध में जारी शासनादेश की प्रतियां फूंक विरोध दर्ज कराया। कहा कि स्वास्थ्य योजना के तहत प्रदेश सरकार ने गोल्डन कार्ड बनाने के साथ ही गत एक जनवरी से सेवारत कर्मचारियों के वेतन और सेवानिवृत्त कर्मियों की पेंशन से अंशदान की कटौती शुरू कर दी है। संगठन कई बार योजना में व्याप्त खामियों को दूर करने की मांग कर चुका है, लेकिन समस्याएं जस की तस बनी हुई है। कहा कि राज्य स्वास्थ्य प्राधिकरण और स्वास्थ्य विभाग की लचर कार्यप्रणाली एवं उदासीन रवैए के कारण अस्पतालों में कार्ड का कोई उपयोग न होने से कर्मचारी व पेंशनरों को परेशान होना पड़ रहा है।
इस मौके पर मुख्य संयोजक संतन सिंह रावत, अध्यक्ष मुकेश रावत, सचिव प्रवीन रावत, उपाध्यक्ष यशपाल सिंह, कल्पना चौहान, संयुक्त सचिव गोपी चंद, संगठन मंत्री महक सिंह, कोषाध्यक्ष डॉ. योगेश रूवाली, राजकीय शिक्षक संघ के जिला मंत्री मनमोहन चौहान, मुकेश रावत, आशीष खर्कवाल, राजेंद्र भंडारी, रतन सिंह बिष्ट, विजेंद्र बिष्ट, परितोष रावत, भास्कर भारद्वाज, माध्यमिक शिक्षक संघ से महावीर सिंह बिष्ट, सेवायोजन विभाग से संतन सिंह रावत, कृषि विभाग से सरदार नरेश सिंह, राकेश नेगी आदि मौजूद रहे।