कोटद्वार। मालन नदी के उफनाने से तल्ला मोटाढाक में नदी पर बने ह्यूमपाइप कॉजवे वैकल्पिक मार्ग पर पानी आने से यातायात रविवार रात 9 से 11 बजे तक दो घंटे तक बाधित रहा। पानी कम होने के बाद रात करीब 11 बजे वाहनों की आवाजाही शुरू हो सकी। लोनिवि की ओर से नदी का बहाव एक ही ह्यूमपाइप कॉजवे की ओर डायवर्ट किए जाने से वैकल्पिक मार्ग पर यह समस्या हुई। कई दो पहिया व हल्के वाहन चालक अपने वाहनों को मवाकोट कण्वाश्रम मार्ग से ले गए, लेकिन यहां रास्ते में रेत बजरी व टाइल्स के ढेर लगे होने से उन्हें परेशानी उठानी पड़ी।
मानसून का सीजन शुरू हो चुका है। बीते एक सप्ताह से क्षेत्र में जोरदार बारिश हो रही है, लेकिन मानसून की तैयारियों को लेकर स्थानीय प्रशासन व लोनिवि कितना सजग है, उसकी एक बानगी रविवार रात तल्ला मोटाढाक-हल्दूखाता के बीच मालन नदी पर बने ह्यूमपाइप कॉजवे वैकल्पिक मार्ग पर देखने को मिली। यहां लोनिवि की ओर से नदी में ह्यूमपाइप डालकर दो कॉजवे बनाए गए हैं। नदी में पानी आने के कारण कई दिनों से इसी वैकल्पिक मार्ग से आवाजाही हो रही है। लोनिवि ने यहां पर एक पोकलेन मशीन व जेसीबी भी खड़ी करवा रखी है। रविवार शाम को पर्वतीय क्षेत्र में भारी बारिश के कारण मालन नदी का जलस्तर बढ़ गया। रात नौ बजे मालन का पानी कॉजवे के ऊपर से बहने लगा। जिससे इस मार्ग से गुजर रहे दो पहिया, हल्के व भारी वाहन चालकों में अफरातफरी मच गई। हालात खराब होता देख लोगों ने क्षेत्रभ्रमण पर आईं क्षेत्रीय विधायक व विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूडी को घटनाक्रम की जानकारी दी। सूचना मिलते ही कलालघाटी चौकी पुलिस ने दोनों ओर का ट्रैफिक रुकवाया और जलस्तर कम होने के बाद वाहनों की आवाजाही शुरू कराई। इस दौरान करीब दो घंटे तक दोनों ओर वाहनों की कतार लग गई। भाबर निवासी अमित कुकरेती, मधूसूदन सिंह, प्रमोद रावत व मदन सिंह का कहना है कि कॉजवे पर लोनिवि की ओर से मानीटरिंग की व्यवस्था होनी चाहिए। यदि दोनों काॅजवे पर पानी डायवर्ट रहता को यह दिक्कत नहीं आती। लोगों की सजगता से कॉजवे पर बड़ा हादसा टल गया।
तल्ला मोटाढाक ह्यूमपाइप कॉजवे वैकल्पिक मार्ग पर निगरानी रखी जा रही है। दोनों कॉजवे पर बहाव डायवर्ट करने के लिए मशीन लगा दी गई है। बहाव से क्षतिग्रस्त कॉजवे की भी मरम्मत करा दी गई है।
-डीपी सिंह, अधिशासी अभियंता लोनिवि दुगड्डा