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Kotdwar News: आपदा से क्षतिग्रस्त नाड़ी काटल पैदल पुल का दो साल बाद भी नहीं हुआ निर्माण

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कोटद्वार। दुगड्डा ब्लॉक के अंतर्गत नाड़ी काटल गांव में थलनदी में दो साल पहले आपदा से क्षतिग्रस्त पैदल पुल का निर्माण अभी तक नहीं हो पाया है। जिससे आसपास के तीन गांवों के ग्रामीण बरसात में उफनती नदी को पार कर भृगुखाल बाजार आवाजाही कर रहे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि शिकायत के बाद भी शासन-प्रशासन मामले का संज्ञान नहीं ले रहा है।
जिला पंचायत सदस्य विनोद डबराल, ग्रामीण रमेश बधाणी, गणेश बधाणी, राजेंद्र सिंह, चंद्रमोहन गौड़, सुरेंद्र सिंह, इंद्र सिंह और बलदेव सिंह आदि ने बताया कि हर्षू, मुंडगांव, नाडी काटल गांव के ग्रामीणों को थलनदी में उतरकर आवाजाही करनी पड़ती थी। ग्रामीणों की मांग पर ग्राम पंचायत की ओर से दस साल पहले नाड़ी काटल गांव में थलनदी में पैदल पुल का निर्माण कराया गया। पुल निर्माण के बाद ग्रामीणों को बरसात में सुगम आवाजाही की सुविधा मिल रही थी। कहा कि अगस्त, 2022 में आई आपदा में यह पुल बह गया था। ग्रामीण तब से लगातार पुल का निर्माण कराने की मांग करते आ रहे हैं। इस संबंध में स्थानीय जनप्रतिनिधियों और शासन-प्रशासन को कई बार अवगत कराया गया, लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। कहा कि पुल के अभाव में बरसात में थलनदी के उफान पर होने से तीनों गांवों का संपर्क भृगुखाल बाजार से कट जाता है। यही नहीं तीनों गांव के बच्चे भृगुखाल राजकीय इंटर कॉलेज में पढ़ने भी नहीं जा पाते हैं, जिससे उसकी पढ़ाई चौपट हो जाती है। उन्होंने जनहित में क्षतिग्रस्त पैदल पुल के स्थान पर नया पुल बनाने की मांग की है।
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आपदा से क्षतिग्रस्त नाड़ी काटल पैदल पुल के निर्माण के लिए दैवीय आपदा मद में 12.50 लाख का प्रस्ताव तैयार कर स्वीकृति के लिए शासन को भेजा गया था, लेकिन तब स्वीकृति नहीं मिल पाई थी। जनप्रतिनिधियों की ओर से प्रस्ताव मिलने पर इसे फिर से स्वीकृति के लिए भेजा जाएगा।



- अनुज चौहान, एई लोनिवि दुगड्डा
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