भाबर में दो दिन से हो रही लगातार बारिश से धान की खड़ी और कटी दोनों फसलों को भारी नुकसान पहुंचा है। मौसम के रुख से पहाड़ से लेकर मैदान तक के किसानों के माथे पर बल पड़े हैं। खेतों में पानी भर जाने से जहां कटी फसल के सड़कर खराब होने का डर काश्तकारों को सता रहा है, वहीं मैदान में बालियों से लदी फसल खेत में गिर जाने के कारण उनकी कटाई मड़ाई कर पाना कठिन हो गया है। पानी में गिरी बालियों के सड़ने की आशंका बन गई है।
काश्तकार कुबेर जलाल, पार्षद सुखपाल शाह, विजय ध्यानी और महानंद ध्यानी आदि ने बताया कि धान, उड़द और सोयाबीन की फसल कुछ ही दिनों में तैयार होने वाली है। इससे पहले ही बारिश ने फसलों को खेतों में गिरा दिया है, जिसके कारण कटाई और मड़ाई कर पाना कठिन हो गया है। काश्तकारों का कहना है कि बारिश से खरीफ की फसलों को नुकसान पहुंचा है। आमसौड़ निवासी काश्तकार इंद्रमोहन जुयाल ने बताया कि पहाड़ में धान की कटाई पूरी हो चुकी है। कटी फसल खेतों में पड़ी है। बारिश से खेतों में पानी भरने के कारण धान की फसल को भारी नुकसान पहुंचा है।