सरकारी कर्मचारी का दर्जा देने और न्यूनतम 21 हजार रुपये वेतन देने समेत 12 सूत्री मांगों के समर्थन में उत्तराखंड आशा स्वास्थ्य कार्यकर्ता यूनियन का कार्य बहिष्कार 11वें दिन भी जारी रहा। आशा कार्यकर्ताओं ने कोटद्वार तहसील में प्रदेश सरकार के खिलाफ प्रदर्शन करते हुए धरना दिया।
बृहस्पतिवार को तहसील में दुगड्डा ब्लाक की आशा कार्यकर्ता एकत्र हुईं और प्रदेश सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। आशाओं ने प्रदेश सरकार पर उनकी अनदेखी करने का आरोप लगाया। कहा कि सरकार की ओर से घोषणाएं तो की गईं, लेकिन एक भी घोषणा पर अमल नहीं हुआ। वर्ष 2006 से कार्यरत आशाओं का वेतन अभी तक निर्धारित नहीं किया गया है। उन्होंने मांगों का निराकरण नहीं होने तक आंदोलन जारी रखने की चेतावनी दी। इस दौरान यूनियन की दुगड्डा ब्लाक अध्यक्ष प्रभा चौधरी, उपाध्यक्ष मीरा नेगी, सचिव रंजना कोटनाला, नीलम कुकरेती, मुन्नी नयाल, सुमित्रा भट्ट, मेेेघा असवाल, अंजू देवी, रोशनी जदली, सुनीता रावत, आशा रावत, सीमा शाही, उषा देवी, ऊषा चौहान, बसंती रावत, संजू नेगी, सरोज जदली आदि मौजूद थे।