आशा कार्यकर्ताओं ने उनकी मांगों पर स्वास्थ्य मिशन की महानिदेशक और स्वास्थ्य सचिव की ओर से 4000 रुपये प्रतिमाह बढ़ोतरी के प्रस्ताव को सरकार की ओर से ठुकराने का विरोध किया। उन्होंने स्वास्थ्य मंत्री और प्रदेश सरकार के खिलाफ नाराजगी जताते हुए स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत के इस्तीफे की मांग की। साथ ही सरकार से मानदेय बढ़ोत्तरी के फैसले पर पुनर्विचार करने का अनुरोध किया।
दुगड्डा ब्लाक की अध्यक्ष प्रभा चौधरी ने कहा कि स्वास्थ्य मिशन की महानिदेशक और स्वास्थ्य सचिव ने आशा कार्यकर्ताओं के मानदेय में 4 हजार रुपये प्रतिमाह बढ़ोत्तरी का प्रस्ताव शासन को भेजा था, लेकिन शासन ने मानदेय में 1500 रुपये की बढ़ोतरी कर उनकी मेहनत को नकार दिया है। साथ ही प्रस्ताव को मान्यता नहीं देकर निंदनीय कार्य किया है। कहा कि स्वास्थ्य मंत्री ने कोटद्वार आगमन के दौरान आशा कार्यकर्ताओं को अच्छा मानदेय देने का भरोसा दिया था। कैबिनेट की बैठक के दिन यूनियन की प्रांतीय अध्यक्ष शिवा दूबे से फोन कर बात भी की थी, लेकिन स्वास्थ्य मंत्री अपने विभाग के फैसले पर ही अमल नहीं करा सके। आशा कार्यकर्ताओं ने स्वास्थ्य मंत्री और प्रदेश सरकार से महानिदेशक के फैसले पर पुनर्विचार कर कार्रवाई करने की मांग की है।