कोटद्वार/कण्वघाटी। भारी बरसात के कारण 29 जून से बाधित पड़ी कोटद्वार भाबर की लाइफ लाइन चिलरखाल-लालढांग मोटर मार्ग तीन माह बाद भी क्षेत्रवासियों के लिए नहीं खुल पाया है। बरसात के कारण उफनाई नदियों ने इसे सिगड्डीसोत, मैहली सोत समेत कई जगहों पर क्षतिग्रस्त कर दिया है, जिसे अस्थायी मरम्मत के बाद लैंसडौन वन प्रभाग को खुलवाना है। लेकिन विभागीय अधिकारी मार्ग की मरम्मत के बारे में कुछ भी कहने से कतरा रहे हैंं।
चिलरखाल-लालढांग मोटर मार्ग लैंसडौन वन प्रभाग क्षेत्र का प्रमुख वन मोटर मार्ग तो है ही, यह राज्य की सीमा के अंदर कोटद्वार से हरिद्वार को सड़क संपर्क से जोड़ने वाला भी एकमात्र संपर्क मार्ग है। बरसात के समय भारी बारिश से सड़क को कई जगह भारी नुकसान पहुंचा है। इससे इस मार्ग पर जीएमओयू की बसों का संचालन ठप पड़ा है। सड़क को यातायात लायक नहीं बनाने से अब तक इस मार्ग पर जीएमओयू समेत अन्य यात्री वाहनों का संचालन शुरू नहीं हो सका है। रोजमर्रा के काम से आने के लिए लोगों को 11 किमी की पैदल दूरी नापनी पड़ रही है। ज्यादा परेशानी काश्तकार, दुग्ध विक्रेता और स्कूली बच्चों को उठानी पड़ रही है। वन विभाग ने सड़क को अस्थायी रूप से खोलने के लिए चुप्पी साधी हुई है।
वार्ड नंबर 36 सिगड्डी क्षेत्र के निवर्तमान पार्षद जगदीश सिंह मेहरा का कहना है कि सड़क न खुलने से जीएमओयू की लालढांग होते हुए हरिद्वार जाने वाली बस सेवाओं का संचालन ठप पड़ा है। लोगों को यूपी के नजीबाबाद और नहर वाले रास्ते से आवाजाही करनी पड़ रही है। लालढांग के बच्चे उच्च शिक्षा के लिए भाबर के कण्वघाटी महाविद्यालय, पॉलिटेक्नीक में आते हैं। जबकि सैकड़ों लोग सिडकुल के जशोधरपुर व सिगड्डी इंडस्टि्रयल एरिया में कामकाज व नौकरी के लिए आते हैं। क्षेत्रवासी अनिल चमोली, हरिमोहन, अशोक गुप्ता, विजयपाल सिंह, दान सिंह अधिकारी, हयात सिंह मेहरा ने वन विभाग से सड़क को अस्थायी रूप से समतल कर बसों का संचालन शुरू कराने की मांग की है। लालढांग के रेंज अधिकरी विपिन चंद्र जोशी ने बताया कि मार्ग की मरम्मत के लिए डिवीजन स्तर से ही प्रस्ताव शासन को भेजा जाता है। मार्ग पर हल्के वाहन आवाजाही कर रहे हैं, लेकिन यात्री बस नहीं गुजर सकेगी।
मैंने हाल में ही लैंसडौन में कार्यभार ग्रहण किया है। चिलरखाल-लालढांग मार्ग वन मोटर मार्ग के बारे में अधीनस्थ अधिकारियों से जानकारी लेकर ही अधिकृत रूप से कुछ कह सकूंगा।
-आकाश गंगवार, नवनियुक्त डीएफओ लैंसडौन