आपदा के बाद सुचारू रूप से शुरू हुई केदारनाथ यात्रा के चौथे दिन मंगलवार को 35 तीर्थयात्री रवाना हुए। केदारनाथ यात्रा के लिए अब तक 250 स्थानीय लोगों का रजिस्ट्रेशन हो चुका है।
प्रशासन केदारनाथ के हक-हकूकधारियों को एक माह के लिए पास जारी कर रहा है, ताकि वह बीच-बीच में धाम जाकर अपने भवनों की साफ-सफाई करा सके।
जरूरी सामग्री पहुंचाई जा रही है
बृहस्पतिवार के लिए लगभग 30 पास जारी हुए हैं। संयुक्त राहत आयुक्त नितिन भदौरिया ने बताया कि चॉपर का प्रयोग आपातकालीन स्थिति में हो रहा है। पैदल मार्ग पर स्थित पड़ावों और धाम तक घोड़े-खच्चरों से रसद और अन्य जरूरी सामग्री पहुंचाई जा रही है।
इधर, प्रशासन ने यात्रियों की सुविधा को देखते हुए सोनप्रयाग में संचालित हो रहे प्री-पेड काउंटर को जीएमवीएन गेस्ट हाउस गौरीकुंड में शिफ्ट कर दिया है। सीडीओ डा. आरएस पोखरिया ने बताया कि घोड़े-खच्चरों की बुकिंग गौरीकुंड से ही होगी।
232 तीर्थयात्री रवाना हुए हेमकुंड साहिब
हेमकुंड साहिब के कपाट बंद होने में अब सिर्फ दो दिन शेष हैं। 10 अक्तूबर को सिखों के प्रसिद्ध तीर्थ हेमकुंड साहिब कपाट शीतकाल के लिए बंद कर दिए जाएंगे। बावजूद इसके धाम में तीर्थयात्रियों के पहुंचने का सिलसिला जारी है।
गोविंदघाट गुरुद्वारा प्रबंधन कमेटी के प्रबंधक सेवा सिंह ने बताया कि मंगलवार को 232 तीर्थयात्री हेमकुंड साहिब के लिए रवाना हुए। मोगा पंजाब से हेमकुंड साहिब की यात्रा पर आए हरविंदर सिंह का कहना है कि आपदा से हुई क्षति के बाद से परिवार के लोग यात्रा पर आने से रोक रहे थे। लेकिन गुरु महाराज की श्रद्धा और आस्था मुझे धाम तक खींच लाई है।