कैलास मानसरोवर यात्रा पर जाने वाले श्रद्धालुओं को इस बार कुछ अलग नजारा देखने को मिलेगा। यात्रियों को मार्ग में पड़ने वाले गांवों में जहां सनातनी संस्कृति की झलक देखने को मिलेगी वहीं माहौल अतिथि देवो भव: का रहेगा।
यही नहीं मार्ग में पीने के पानी की दिक्कत भी नहीं रहेगी। भारत, चीन और नेपाल में कैलास मानसरोवर यात्रा को सुगम और आनंददायक बनाने के लिए जर्मनी की कंपनी जीआईजेड ने सवा छह करोड़ रुपये देने की मंजूरी दी है। जर्मनी के साथ ब्रिटेन भी कैलास मानसरोवर यात्रा मार्ग को सुदृढ़ करने के लिए आर्थिक सहयोग दे रहा है।
बैठक में हुआ प्रस्ताव मंजूर
नेपाल स्थित अंतरराष्ट्रीय संस्था इंटरनेशनल सेंटर फॉर माउंटेन इंटीग्रेटेड डवलपमेंट के बैनर तले हाल में ही कैलास मानसरोवर यात्रा मार्ग का यह खाका तैयार किया गया है। भारत, चीन और नेपाल के अधिकारियों के साथ जर्मन कंपनी जीआईजेड के प्रतिनिधियों ने बैठक कर प्रस्ताव को मंजूर कर लिया है।
जीआईजेड ने सवा छह करोड़ रुपये धनराशि आवंटित की है। कंपनी और तीनों देशों के अधिकारियों ने यात्रा मार्ग में पड़ने वाले गांवों व पड़ावों का निरीक्षण किया है। ब्रिटेन भी जर्मनी के साथ सहयोग कर रहा है। भारत, चीन और नेपाल ने अपने यहां की स्थिति के लिहाज से कार्ययोजना तैयार कर ली है।