चारधाम यात्रा के दौरान केदारनाथ जाने वाले लाखों तीर्थयात्रियों को अब सोनप्रयाग में जाम की समस्या से नहीं जूझना होगा।
राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) सोनप्रयाग में राज्य का सबसे लंबा और ऊंचा एलिवेटेड कॉरिडोर बनाने जा रहा है। सौ करोड़ की लागत से बनने वाले एलिवेटेड कॉरिडोर के निर्माण की जिम्मेदारी यूक्रेन की निजी कंपनी को सौंपी गई है। एलिवेटेड कॉरिडोर का निर्माण दो साल पहले किया जाना था।
120 करोड़ की लागत से इसके निर्माण का प्रस्ताव भी तैयार कर दिया, लेकिन कुछ कारणों से निर्माण कार्य टल गया। अब इसे नए सिरे से निर्माण की तैयारी है। यूक्रेन की एक निजी कंपनी को निर्माण का ठेका दे दिया है। कंपनी ने डिजाइन तैयार कर लिया है। कंपनी की ओर से तैयार किए गए डिजाइन की वजह से इसकी निर्माण लागत 120 करोड़ से घटकर 100 करोड़ हो गई है। एनएचएआई की ओर से कंपनी को टेंडर भी जारी कर दिया गया है।
अभी तक चारधाम यात्रा के दौरान सोनप्रयाग में जबरदस्त जाम लगता है, जिससे न सिर्फ तीर्थयात्रियों बल्कि जिला प्रशासन से जुड़े अफसरों को भी परेशानी उठानी पड़ती है। एलिवेटेड कॉरिडोर का निर्माण पूरा होने से जहां यात्रियों को जाम से निजात मिलेगी, वहीं पुलिस प्रशासनिक अधिकारियों को भी सहूलियतें होगी।
एनएचएआई के परियोजना निदेशक पीके मौर्या के मुताबिक टू लेने वाले एक किलोमीटर लंबे कॉरिडोर का निर्माण पूरा होने के बाद तीर्थयात्री सोनप्रयाग में प्रवेश किए बिना ही आगे जा सकेंगे। यह राज्य का पहला एलिवेटेड कॉरिडोर है जो न सिर्फ सबसे लंबा, बल्कि सबसे अधिक ऊंचा भी है।