21 सितंबर से दोबारा शुरू हो रही हेमकुंड साहिब तीर्थयात्रा के लिए पंजाब और हरियाणा से यात्री आने लगे हैं। करीब 350 सिख तीर्थयात्री जोशीमठ और गोविंदघाट पहुंच गए हैं।
गुरुवार को जिलाधिकारी चमोली एसए मुरुगेशन और पुलिस अधीक्षक अजय जोशी ने गोविंदघाट पहुंच कर यात्रा मार्ग और व्यवस्थाओं का जायजा लिया। डीएम ने अधिकारियों को यात्रा की सभी व्यवस्थाएं चाक-चौबंद करने के निर्देश दिए।
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ऊर्जा निगम अफसरों से कहा गया है कि 21 सितंबर तक हेमकुंड साहिब में हर हाल में बिजली पहुंचाएं। व्यवस्थाओं में चूक होने पर अफसरों को बख्शा नहीं जाएगा।
ग्रामीणों में उत्साह
16/17 जून के जल प्रलय में अपने गांव को खो चुके भ्यूंडार-पुलना गांवों के ग्रामीण हेमकुंड साहिब तीर्थयात्रा की तैयारियों में जोरशोर से जुटे हैं। भ्यूंडार-पुलना गांव हेमकुंड साहिब के प्रमुख पड़ाव घांघरिया के पास स्थित था। यहां के ग्रामीणों की आजीविका हेमकुंड साहिब तीर्थयात्रा से ही चलती है।
हेमकुंड साहिब यात्रा के पुन: शुरू होने से स्थानीय ग्रामीणों में जबरदस्त उत्साह है। ग्रामीण भवान सिंह चौहान का कहना है कि यात्रा शुरु होने से स्थानीय ग्रामीणों में जिंदगी जीने की उम्मीद जगी है।
ग्रामीण संजय चौहान का कहना है कि यात्रा शुरु होने से ग्रामीणों में उत्साह का संचार हो गया है। वह जंगल चट्टी, ठेली चट्टी, भ्यूंडार, पुलना, रामढुंगी, ख्याण और अटलाकोटी में दुकानों की मरम्मत में लगे हुए हैं।
यहां चलना संभल कर
हेमकुंड साहिब तीर्थयात्रा के 20 किमी के पैदल ट्रैक में कई जगहों पर रास्ता खतरनाक बना हुआ है। हनुमान चट्टी, ख्वाण, रामढुंगी और ठेली चट्टी के पास पैदल मार्ग उबड़-खाबड़ बना हुआ है। घांघरिया से एक किमी आगे चट्टानी भाग है। चट्टान में नुकीले पत्थर अटके हुए हैं, लिहाजा यात्रियों को यहां खास सावधानी बरतनी होगी।
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