बागियों में केवल सुबोध उनियाल ही पहुंचे थे।
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कांग्रेस के बागी विधायकों की सुनवाई के लिए तय तारीख बीत गई, लेकिन केवल एक विधायक सुबोध उनियाल ने ही विधानसभा पहुंचकर अपना पक्ष रखा। इस घटना से पहले स्पीकर गोविंद सिंह कुंजवाल की ओर से भेजे गए नोटिस के क्रम में नेता सदन और मुख्यमंत्री हरीश रावत ने अपना पक्ष रखा और सभी बागी हुए विधायकों की सदस्यता रद्द करने का आग्रह किया।
स्पीकर गोविंद सिंह कुंजवाल दिन भर अपने कार्यालय में बैठे और कांग्रेस के नौ बागी विधायकों का इंतजार किया, लेकिन शाम करीब पौने पांच बजे अकेले सुबोध उनियाल अपने भाई और पूर्व महाधिवक्ता यूके उनियाल के साथ विधानसभा पहुंचे और स्पीकर के समक्ष अपना पक्ष रखा।
उन्होंने यही तर्क दिए कि दल बदल विरोधी कानून के तहत कार्रवाई नहीं हो सकती, क्योंकि उन्होंने व्हिप का उल्लंघन नहीं किया है। इसलिए वह कार्रवाई की जद में नहीं आ सकते। इससे पहले विधानसभा पहुंचे मुख्यमंत्री हरीश रावत ने स्पीकर के समक्ष उपस्थित होकर अपना पक्ष रखा।