कांग्रेसी विधायक मदन बिष्ट का स्टिंग ऑपरेशन सामने आते ही भाजपाई हरकत में आ गए। उनके चेहरे खिल गए और उन्होंने इस स्टिंग को मजबूत हथियार के तौर पर लिया। जिसका प्रयोग चुनाव में भी होगा।
इससे पहले हरीश रावत का स्टिंग सामने आने के बाद उनकी मुहिम को संजीवनी मिल चुकी है, लिहाजा इस नए स्टिंग से भी टॉनिक मिलने की पूरी उम्मीद है। विधानसभा के चुनाव चाहे जब हों, पर कांग्रेस के खिलाफ एक मजबूत मुद्दा तो उनके पास आ ही गया है।
विभिन्न चैनलों पर इस स्टिंग का प्रसारण देख उत्साह से भरे प्रदेश भाजपा अध्यक्ष अजय भट्ट ने तत्काल मीडिया को बुलाकर न केवल हरीश रावत को घेरने वाले बयान दिए, बल्कि पूरे मामले की सीबीआई जांच कराने की भी मांग की। पार्टी कार्यालय में मौजूद पदाधिकारियों से लेकर आम कार्यकर्ताओं में जीत जैसा भाव दिखा।
कई कार्यकर्ताओं ने कहा भी कि अब तो भाजपा की सरकार बनकर रहेगी। सामान्य बातचीत में किसी ने कहा कि मदन बिष्ट अपने बड़बोलेपन में फंस गए तो एक वरिष्ठ पदाधिकारी ने कहा भले ही ऐसा हो पर विधायकों की खरीद फरोख्त का भंडाफोड़ तो हो रहा है।
यह बातें जब हम लोग उठाते थे तो कहा जाता था कि सिर्फ आरोप लगा रहे हैं। अब तो कांग्रेस के विधायक ही खुलासा कर रहे हैं। इसके साथ ही उन्होंने जोड़ा कि कांग्रेस कहती है कि हमारी पार्टी को भाजपा तोड़ रही है पर यहां तो उनकी पार्टी के लोग ही संकट खड़ा कर रहे हैं। हमें तो कुछ करने की जरूरत ही नहीं है।