फ्लोर टेस्ट के बाद कांग्रेस के विजयी मुद्रा में आने के साथ यह भी तय हो गया है कि नेतृत्व हरीश रावत के हाथों में ही रहेगा।
कांग्रेस हाईकमान ने उन अटकलों पर विराम लगा दिया है, जिसमें कहा जा रहा था कि बहुमत हासिल करते ही प्रदेश में नेतृत्व बदला जा सकता है। इतना ही नहीं आने वाले विधानसभा चुनाव में रावत ही पार्टी का चेहरा भी रहेंगे।
स्टिंग ऑपरेशन के बाद प्रदेश सरकार का नेतृत्व बदले जाने की अटकलों में तेजी आई थी। रणनीतिकारों का कहना था कि मामला सीबीआई के पास चला गया है जिससे पूर्व वित्त मंत्री इंदिरा हृदयेश या किसी और वरिष्ठ कांग्रेसी को हाईकमान जिम्मेदारी दे सकता है। फ्लोर टेस्ट के बाद कांग्रेस में आत्मविश्वास बढ़ गया। यह तय हो गया कि रावत ही नेतृत्व संभालेंगे।
हाईकमान के इशारे के बाद कांग्रेस की उत्तराखंड प्रभारी अंबिका सोनी और गुलाम नबी आजाद ने भी यह बात स्पष्ट कर दी। अंबिका सोनी का कहना था कि नेतृत्व हरीश रावत ही करेंगे, बदलाव का प्रश्न ही नहीं है। नेतृत्व बदलाव के लिए ही तो यह सब कुछ हुआ था। यही बात पूर्व आजाद ने भी दुहराई।
आजाद ने कहा कि भाजपा रावत से ही घबराई है। हाईकमान प्रदेश में नेतृत्व परिवर्तन नहीं करेगा। कांग्रेस के ताकतवर बन कर उभरने की खबर केंद्रीय नेता हाईकमान को पहुंचाते रहे। पार्टी के रणनीतिकारों का कहना है कि स्थिति से हाईकमान खुश तो है, लेकिन पार्टीजनों के टूटने की कसक है। प्रदेश में चले इस पूरे घटनाक्रम से आने वाले विधानसभा चुनाव में कांग्रेस और मजबूत रहेगी।