कुंभ में कोरोना की दूसरी लहर का कहर झेल चुके हरिद्वार में संक्रमण के बढ़ते खतरे को भांपते हुए जिला प्रशासन ने बचाव की तैयारियां शुरू कर दी हैं। प्रशासन ने आशंकितों की टेस्टिंग, ट्रैकिंग और ट्रीटमेंट (ट्रिपल-टी) फार्मूला प्रभावी ढंग से लागू करने के आदेश दे दिए हैं। जिले में ऑक्सीजन और आईसीयू बेड वाले निजी एवं सरकारी अस्पताल सूचीबद्ध किए जा रहे हैं। विदेश यात्रा कर लौटने वालों की निगरानी शुरू कर दी गई है।
कोरोना की मार को हरिद्वार ने झेला है। कुंभ अवधि में कोविड की दूसरी लहर ने तबाही मचाई। अस्पतालों में बेड और ऑक्सीजन नहीं मिलने से लोग अकाल मौत के मुंह में समा गए। श्मशान घाटों पर शवों को जलाने के लिए लाइन लगी रही। संक्रमण की दहशत से कई परिवारों ने अपनों को अस्पताल में लावारिस छोड़ दिया। दूसरी लहर ने स्वास्थ्य सेवाओं की भी पोल खोल दी। इसके बाद सरकारी और निजी अस्पतालों में ऑक्सीजन प्लांट और आईसीयू बेड क्षमता बढ़ाई गई। जिला स्तरीय अस्पतालों में ऑक्सीजन प्लांट लगे।
कोरोना के नए वैरिएंट ओमिक्रॉन की भारत में दस्तक के बाद से दहशत बनी है। हरिद्वार अति संवेदनशील है। देश एवं विदेश से यहां श्रद्धालु गंगा स्नान के लिए पहुंचते हैं। दूसरी लहर की तरह कोरोना से कोहराम न मचे, इसके लिए जिला प्रशासन अलर्ट मोड पर आ गया है। कंट्रोल रूम स्थापित करने के बाद मेला अस्पताल में व्यवस्थाएं दुरुस्त कर 24 घंटे की सतर्कता कर दी गई है। मेला अस्पताल कोरोना मरीजों के इलाज के लिए बना है। जिलाधिकारी विनय शंकर पांडेय ने बताया कि विदेशी यात्रियों की ट्रैकिंग शुरू कर दी गई है। एलआईयू की टीमों को लगाया गया है। हालांकि, अभी तक हरिद्वार में कोई भी विदेशी यात्री के आने की सूचना नहीं मिली है।
जिलाधिकारी के मुताबिक ऑक्सीजन और आईसीयू बेड वाले निजी एवं सरकारी अस्पतालों को सूचीबद्ध करने के आदेश दे दिए गए हैं। सभी एसडीएम से तीन दिन में रिपोर्ट मांगी गई है। स्वास्थ्य विभाग से प्रतिदिन सात हजार लोगों की रैंडम टेस्टिंग करने के निर्देश दिए हैं। बाहरी राज्यों से आने वालों को बॉर्डर पर रोका जा रहा है। खासकर बाहरी राज्यों की सार्वजनिक बसों को भी रोका जा रहा है। चार हजार से अधिक टेस्टिंग पहुंच गई है। संक्रमण कम होने के बाद बाबा बर्फानी अस्पताल को कोविड अस्पताल से मुक्त कर दिया था, लेकिन संक्रमण के खतरे को भांपते हुए बाबा बर्फानी को भी रिजर्व में रखा जाएगा। जिलाधिकारी के मुताबिक बाबा बर्फानी में एनएचएम से स्टाफ की तैनाती की जाएगी।
बॉर्डर पर 588 लोगों की सैंपलिंग
लालढांग। कोविड के बढ़ते खतरे के बीच जिले में प्रवेेश करने वाले वाहन चालकों एवं सवारियों की बॉर्डर पर रैंडम सैंपलिंग बढ़ा दी गई है। शुक्रवार को बिजनौर-नजीबाबाद एवं कुमाऊं से आने वाले वाहनों को बॉर्डर पर रोककर चेकिंग की गई। मेडिकल टीम लीडर पंकज कुमार ने बताया कि चिड़ियापुर में 460 और लाहड़पुर में 128 लोगों की कोरोना जांच की गई। टीम लीडर ने बताया कि शुक्रवार को चिड़ियापुर में यूपी रोडवेज की बसों को भी रोका गया।
कोरोना का नहीं मिला कोई मरीज
हरिद्वार। जिले में शुक्रवार को कोरोना का कोई नया केस सामने नहीं आया। किसी मरीज की मौत भी नहीं हुई। एक मरीज ठीक हुआ। स्वास्थ्य विभाग की ओर से जारी रिपोर्ट के अनुसार जनपद के अधिकृत अस्पतालों में दो व्यक्ति भर्ती हैं। अधिकृत कोविड स्वास्थ्य केंद्रों और कोविड केयर सेंटरों में एक भी मरीज भर्ती नहीं है। होम आइसोलेशन में कोई मरीज नहीं है। सीएमओ डॉ. कुमार खगेंद्र सिंह ने बताया कि जनपद में फिलहाल 14 एक्टिव केस हैं। जनपद में अभी तक कुल पॉजिटिव की संख्या 51207 है। 3210 व्यक्तियों के सैंपल जांच के लिए गए हैं। अभी कुल 1251 व्यक्तियों की सैंपल रिपोर्ट आनी बाकी है। जनपद में एक्टिव कंटेनमेंट जोन जीरो हैं।