विहिप के केंद्रीय उपाध्यक्ष व एवं श्रीराम जन्मभूमि मंदिर न्यास तीर्थ क्षेत्र के महामंत्री चंपत राय ने शुक्रवार को कनखल स्थित श्री पंचायती अखाड़ा निर्मल पहुंचकर अखाड़े के अध्यक्ष श्रीमहंत ज्ञानदेव सिंह से भेंट की। अखाड़े पहुुंचने पर श्रीमहंत ज्ञानदेव सिंह, कोठारी महंत जसविन्दर सिंह, महंत अमनदीप सिंह ने चंपतराय का स्वागत किया।
चंपतराय ने कहा कि संत समाज व आमजन के सहयोग से अयोध्या में भगवान श्रीराम का मंदिर भव्य आकार ले रहा है। निर्माण पूरा होने पर श्रीराम मंदिर से पूरे विश्व में सनातन धर्म का संदेश प्रसारित होगा। राम मंदिर निर्माण में निर्मल अखाड़े के सहयोग की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि संतों के सहयोग से ही मंदिर निर्माण की हिंदू समाज की वर्षों पुरानी प्रतीक्षा समाप्त हुई।
श्रीमहंत ज्ञानदेव सिंह ने कहा कि सनातन धर्म संस्कृति के प्रचार प्रसार में संत महापुरुषों ने सदैव ही अहम भूमिका निभाई है। मंदिर निर्माण आंदोलन में भी संतों का प्रमुख सहयोग रहा। श्रीराम मंदिर धर्म व अध्यात्म का प्रमुख केंद्र बनेगा। कोठारी महंत जसविंदर सिंह ने कहा कि राम मंदिर निर्माण में विहिप नेता के रूप में चंपत राय ने अहम भूमिका निभाई।
संतों को ही करने दे मंदिरों का संचालन : राय
हरिद्वार। विश्व हिंदू परिषद के अंतरराष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं श्रीराम जन्म तीर्थ क्षेत्र न्यास ट्रस्ट के महामंत्री चंपत राय ने कहा कि सरकार का काम मठ-मंदिरों का संचालन करना नहीं है। उन्होंने कहा कि सरकार मठ मंदिरों का संचालन भक्तों और संतों को ही करने दें।
प्रेस क्लब में पत्रकारों से वार्ता करते हुए चंपत राय ने उत्तराखंड सरकार के देवस्थानम बोर्ड को भंग करने के फैसले का स्वागत किया। चंपत राय ने कहा कि सरकार का काम मठ मंदिरों का संचालन करना बिल्कुल भी नहीं है। देश में जितने भी ऐसे मंदिर हैं जिनका संचालन सरकार द्वारा किया जा रहा है उनका संचालन पुजारी, भक्तों एवं संतों को दे देना चाहिए। उन्होंने कहा कि मठ मंदिरों का संचालन करने वाले ट्रस्ट को भी अपने ट्रस्ट के आय-व्यय के ब्योरे में पूरी तरह पारदर्शिता अपनाने की सलाह दी। संवाद