गुरुवार रात को आए तूफान में पीली पड़ाव गांव में गिरा पोल्ट्री फार्म।
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बृहस्पतिवार रात चंद मिनटों की आंधी ने शहर और ग्रामीण इलाकों में काफी नुकसान किया। पेड़ और टहनियां गिरने से बिजली की तारें टूट गई। लालढांग के पीलीपड़ाव गांव में करीब 20 घरों और गोशालाओं की टिनशेड और छप्पर उड़ गए। बिजली के 24 खंभे टूटकर गिर गए। बिजली की कई इलाकों में आपूर्ति पूरी रात बाधित रही। पथरी, धनौरी, हरिद्वार में भी बागवानी को काफी नुकसान हुआ। आंधी के बाद 3.8 एमएम बारिश भी हुई।
बृहस्पतिवार की रात में अचानक आंधी आने से लालढंगा क्षेत्र के पीलीपड़ाव में सर्वाधिक नुकसान हुआ। मोहम्मद आलम का टिनशेड का घर बर्बाद हो गया। मस्तराम, संजीव कुमार, मलकीत, ज्ञानचंद, वीरू, इनाम इरफान के घर और गोशाला को काफी नुकसान हुआ। रसूलपुर में महानंद सिंह की गोशाला की टिनें भी हवा उड़ गई। गोशाला में रखा भूसा बर्बाद हो गया। गांव में चौधरी पोल्ट्री फार्म भी तूफान की चपेट आया और पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। पोल्ट्री फार्म की दूसरी मंजिल पूरी तरह से टूट गई। पोल्ट्री फार्म के पंकज रावत ने बताया कि चंद मिनट में ही सबकुछ धराशाई हो गया।
पूर्व प्रधान बलबीर झंडवाल ने बताया कि गांव में काफी नुकसान हुआ है। दो दर्जन से अधिक बिजली के खंभे टूटकर गए। बिजली की लाइन ठीक करने के लिए ऊर्जा निगम के कर्मचारी शुक्रवार को दिनभर जुटे रहे, लेकिन बिजली आपूर्ति अभी तक बहाल नहीं हुई है।
एसडीएम पूरन सिंह राणा ने बताया कि राजस्व की टीम को नुकसान का आंकलन करने को भेजा है। जांच के बाद पीड़ितों को मुआवजा दिया जाएगा। ऊर्जा विभाग के एसडीओ कमलराज नेगी ने बताया कि पीलीपड़ाव में करीब दो दर्जन बिजली के खंभे टूटे हैं। उनकी जगह दूसरे खंभे लगाए जा रहे हैं। मौसम विभाग के शोध पर्यवेक्षक नरेंद्र रावत ने बताया कि बृहस्पतिवार रात को 3.8 एमएम बारिश रिकार्ड की गई। बारिश के बाद शुक्रवार को अधिकतम तापमान 37.2 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 22 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ।