नगर निगम में जनता को मिलने वाली कई सुविधाएं ऑनलाइन जरूर हो गई हैं, लेकिन लोगों को दफ्तर के चक्कर काटने पड़ते हैं। ऑनलाइन व्यवस्था महज खानापूर्ति बनकर रह गई। ऑनलाइन ठप है। गृहकर और नामांतरण के लिए लोगों को मैनुअल प्रक्रिया पूरी करनी पड़ती है। जबकि जन्म-मृत्यु प्रमाणपत्र के आवेदन ऑनलाइन करने की व्यवस्था तो है, पर बाहर से आवेदन करने निगम की साइट पर प्राप्त ही नहीं होते। जिससे लोगों को दिक्कतें झेलनी पड़ती हैं। ऐसे में लोग नगर निगम कार्यालय में धक्के खाने को मजबूूर हैं।
नगर निगम में करीब दो साल पहले गृहकर और नामांतरण का सिस्टम ऑनलाइन शुरू कर दिया गया था। गृहकर जमा करने से लेकर नामांतरण की प्रक्रिया ऑनलाइन शुरू होने से लोगों को निगम कार्यालय के चक्कर न काटने की बात से राहत मिली थी। लेकिन, दो साल में के अंदर भी ये व्यवस्था केवल दस्तावेजों तक ही सीमित है। हां, इतना जरूर है कि गृहकर जमा करने के साथ ही कई प्रक्रिया पूरी करते हुए ऑनलाइन दर्ज की जा रही हैं। लेकिन, लोगों के घर बैठे टैक्स जमा कराने की सुविधा धरातल पर न उतरने से आज भी लोगों को निगम कार्यालय ही आना पड़ता है।
जन्म-मृत्यु प्रमाणपत्र पंजीकरण के आवेदन के करने लिए ऑनलाइन साइट तो चालू की गई है। जिससे कहीं से भी आवेदन कर सकते हैं। लेकिन, बाहर से आवेदन करने पर निगम कार्यालय की साइट पर आवेदन नहीं दिखते हैं। ऐसे में बाहर से आवेदन करने वालों के प्रमाणपत्र नहीं बन पा रहे हैं। जिससे ऑनलाइन व्यवस्था केवल खानापूर्ति साबित हो रही है। लोगों को इसका लाभ नहीं मिल पा रहा है।
ऑनलाइन व्यवस्था शुरू होने से लगा था कि अब घर बैठे ही ऑनलाइन आवेदन कर कार्य करा सकेंगे। लेकिन नामांतरण की प्रक्रिया के लिए नगर निगम ही जाना पड़ा। ऑनलाइन सुविधा का लाभ नहीं मिल पा रहा है।
- मोनिका
जन्म-मृत्यु प्रमाणपत्र के आवेदन के लिए आज भी लाइन में लगना पड़ता है। कई शहरों में ये व्यवस्था पूरी तरह ऑनलाइन हो चुकी है। लेकिन यहां घंटों लाइन में लगकर मैनुअल तरीके से ही प्रक्रिया पूरी करनी पड़ती है।
- प्रशांत शर्मा
जनता के लिए धीरे-धीरे सुविधाएं बढ़ाई जा रही हैं। ऑनलाइन सुविधाएं पूरी तरह से लागू कराई जाएंगी। जो कुछ कमियां हैं उन्हें दूर कराया जाएगा।
- दयानंद सरस्वती, नगर आयुक्त हरिद्वार