सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के लेबर रूम पर ताला लटकने के बाद सड़क पर गर्भवती की डिलीवरी होने पर सीएमओ ने प्रसव विभाग के समस्त स्टॉफ को महिला अस्पताल में अटैच कर दिया है। उन्हें लेबर रूम पर डिलीवरी व्यवस्था शुरू होने तक वहीं पर सेवाएं देने के निर्देश दिए हैं।
बहादराबाद स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर प्रसव केंद्र भी स्थापित है। अगस्त में लेबर रूम में आग लगने के बाद जांच पूरी नहीं होने पर उस पर ताला लटका हुआ है। जिसके कारण अस्पताल में गर्भवती महिलाओं डिलीवरी तीन महीने से नहीं हो पा रही है। जबकि प्रसव विभाग का स्टॉफ अस्पताल परिसर में ही अपनी ड्यूटी दे रहा था। सोमवार को एक गर्भवती महिला प्रसव के लिए आई थी। स्टॉफ ने लेबर रूम बंद होने पर डिलीवरी कराने से इनकार कर दिया था। इस पर परिजनों ने परिजनों ने महिला जिला अस्पताल में रेफर करनेे की गुहार स्वास्थ्य अधिकारियों से लगाई थी।
अस्पताल के कर्मियों ने एंबुलेंस करके खुद ही हरिद्वार अस्पताल जाने की बात कह दी थी। परिजनों के पास प्राइवेट एंबुलेंस करने के भी पैसे नहीं थे। एक अन्य मरीज के तीमारदार ने 108 एंबुलेंस को फोन कर महिला अस्पताल में डिलीवरी के लिए जाने की सलाह दी थी। इससे वह सड़क पर एंबुलेंस आने का इंतजार करते रहे। गर्भवती को प्रसव पीड़ा होने पर उसने सड़क पर ही बच्चे को जन्म दे दिया था। बाद में काफी इंतजार के बाद 108 ने पहुंची थी। जिससे जज्चा व बच्चा को अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
उधर, मामले को सीएमओ डॉ. कुमार खगेंद्र ने मामले को गंभीरता से लिया। उन्होंने बताया कि प्रसव विभाग के सभी 13 कर्मचारियों को महिला जिला अस्पताल हरिद्वार में अटैच कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि इस पूरे मामले की जांच करवाई जा रही है। जिसकी लापरवाही भी सामने आएगी, उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।