कंपनी में काम करने के बदले भुगतान नहीं मिलने से 11 महीनों से परेशान युवती को आखिरकार बुधवार को न्याय मिल गया। युवती ने भुगतान के लिए कंपनी प्रबंधन से लेकर श्रम कार्यालय के चक्कर काटे, लेकिन उसे न्याय जिलाधिकारी के जन सुनवाई के दौरान मिला। जिलाधिकारी ने कंपनी प्रबंधन को तत्काल एक दिन के भीतर भुगतान करने के निर्देश दिए।
ग्राम मोरना जिला बिजनौर निवासी संध्या ने अक्तूबर 2020 में एस एंड एस प्रिंट ओपेक सिडकुल हरिद्वार में कार्य किया। कंपनी प्रबंधन ने उसका भुगतान नहीं किया। संध्या ने कंपनी के कई चक्कर काटे। सुनवाई नहीं होने पर श्रम कार्यालय की शरण ली।
वहां भी न्याय नहीं मिला तो जिलाधिकारी कार्यालय में गुहार लगाई। बुधवार को कलक्ट्रेट कार्यालय में जिलाधिकारी के जन सुनवाई के दौरान संध्या के मामले में सुनवाई हुई। जिलाधिकारी विनय शंकर पांडेय ने कंपनी प्रबंधन और श्रम विभाग के अधिकारियों से विस्तृत जानकारी ली।
श्रम विभाग के अधिकारियों ने बताया कि कंपनी प्रबंधक को नोटिस भेजा गया। लेकिन प्रबंधक ने उसे लेने से इंकार कर दिया था। जिलाधिकारी ने इस पर नाराजगी जताई। जिलाधिकारी ने कंपनी के प्रबंध निदेशक को तत्काल पूर्ण भुगतान करने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी के हस्तक्षेप के बाद कंपनी के प्रबंध निदेशक ने कहा कि संध्या का लंबित भुगतान बुधवार को ही कर दिया जाएगा।