सरकारी विभागों में नौकरी, अलग-अलग योजनाओं का लाभ दिलाने और विदेशी कंपनियों में निवेश करवाने के नाम पर लोगों से ठगी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह के बदमाश को एसटीएफ उत्तराखंड ने रानीपुर से गिरफ्तार किया है। आरोपी गंगनहर कोतवाली में दर्ज ठगी के मुकदमे में जमानत पर था। जमानत पर छूटने के बाद भी लोगों को ठगी का शिकार बना रहा था। पूर्व में दर्ज मुकदमे में आरोपी के सात साथी जेल में बंद हैं। आरोपी और उसके साथी लोगों को विदेशी कंपनियों के निवेश करने का भी झांसा देते थे। फर्जी तरीके से लोगों को गुमराह करते थे कि विदेशी कंपनियों ने भारत में सरकारी योजनाओं में 26 अरब 18 करोड़ 40 लाख रुपये का किया है।
एसटीएफ के एसएसपी अजय सिंह ने बताया कि गैंग के सदस्य कृष्णकांत निवासी बद्रीश कॉलोनी बैरियर छह रानीपुर ने अपने आठ साथियों के साथ मिलकर दो साल पहले इंटरनेशनल बुद्धिज्म फाउंडेशन नाम से कंपनी बनाई थी। गैंग लोगों को बैंक एवं सरकारी योजनाओं जैसे कन्याधन, वृद्धा पेंशन, विधवा पेंशन, बेरोजगार पेंशन, बच्चों की पढ़ाई और बेटी की शादी के लिए लोन दिलाने के नाम पर अपनी कंपनी में रजिस्ट्रेशन करते थे। इसके एवज में तीन से छह सौ रुपये फीस लेते थे। झांसा देते थे कि लोन पास कराएंगे। कंपनी लोगों को विदेशी कंपनी में निवेश करने पर सालाना 30 से 40 फीसदी व्याज देने का झांसा भी देती थी। इसके लिए बाकायदा फर्जी एफडी बनाकर उपभोक्ता को दी जाती थी। इस तरह सैकड़ों लोग कंपनी के झांसे में आ गए। इसके साथ ही आरोपी नौकरी दिलाने का आश्वासन भी लोगों को देते थे।
सहारनपुर और गंगनहर कोतवाली में ठगी के मामले में आरोपी कृष्णकांत और उसके साथी अमित निवासी मोहनपुर सहारनपुर, अक्षय निवासी शेखपुरा कदीम सहारनपुर, अंकित कुमार निवासी बहादरपुर जट हरिद्वार, अनुज कुमार निवासी शेखपुरा कदीम सहारनपुर, जुरेश कुमार हासिमपुरा देवबंद सहारनपुर, राजू भाटिया देवबंद सहारनपुर, शेरपाल चौहान निवासी हरिद्वार गिरफ्तार हुए। कृष्णकांत जमानत पर छूट गया, जबकि बाकी साथी अभी जेल में हैं।
बताया जा रहा है कि आरोपी कृष्णकांत जमानत पर छूटने के बाद भी लोगों से ठगी शुरू कर दी। इस मामले में एसटीएफ ने उसे दबोचा है। एसटीएफ के एसआई विकास रावत की ओर से रानीपुर कोतवाली में मुकदमा दर्ज किया है। पकड़े गए आरोपी के बैंक खाते से करीब 25 लाख का लेनदेन हुआ है। आरोपी के पास से दो सीपीयू और तीन एक्सटरनल हार्ड ड्राइव, छह रबर की मोहरे, चार डिजिटल सिग्नेचर सर्टिफिकेट, यूएसबी, अलग-अलग चेकबुक, पासबुक, डेबिट, क्रेडिट कार्ड समेत अन्य दस्तावेज भी बरामद किए है। आरोपी के खिलाफ रानीपुर कोतवाली में मुकदमा दर्ज कर उसे न्यायालय में पेश कर जेल भेजा गया है।
दूसरे राज्यों में भी फैला है नेटवर्क
एसटीएफ के एसएसपी अजय सिंह ने बताया कि आरोपियों को नेटवर्क दूसरे राज्यों में भी फैला हुआ है। दूसरे राज्यों में भी इनके गिरोह की तलाश में टीम जुटी हुई है। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि उसने इससे पहले इसी नाम से सहारनपुर में भी संस्था का ऑफिस खोला था। जिसमें वह खुद डायरेक्टर था और अन्य लोग भी काम करते थे। सहारनपुर में भी आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ था। जिसमें जेल जाने के बाद वह जमानत पर बाहर आया था।