हरिद्वार में कुट्टू का आटे के बने व्यंजन खाने से बीमार हुए लोगों से मिलते स्वास्थ्य मंत्री धन सिं
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सोता रहा विभाग, लोग हुए बीमार
नवरात्रों पर पहले भी कुट्टू के आटे के व्यंजन खाने से लोगों के बीमार पड़ने की घटनाएं होती रही हैं। इसके बाद भी खाद्य सुरक्षा विभाग ने नवरात्र से पहले कुट्टू के आटे की सैंपलिंग नहीं की।
सालभर में दो बार नवरात्र आते हैं। जिसमें कुट्टू का आटा बिकने के लिए बड़ी मात्रा में शहर और आसपास के क्षेेत्रों में पहुंचता है। पर खाद्य सुरक्षा विभाग के अफसर कुट्टू के आटे के सैंपलिंग और जांच पड़ताल के लिए पहले कोई कदम नहीं उठाता है। जब कुट्टू का आटा खाने से लोग बीमार पड़ते हैं तो उसके बाद ही विभाग हरकत में आता है। रविवार को भी ऐसा ही देखने को मिला। जब सवा सौ लोग बीमार पड़ गए। तब प्रशासन और खाद्य सुरक्षा विभाग के अधिकारियों को सैंपलिंग करने की याद आई। जबकि विभाग को नवरात्रों के शुरू होने से पहले ही कुट्टू के आटे के सैंपलिंग और गुणवत्ता की जांच करने के लिए अभियान चलाना चाहिए। उन्हें पता करना चाहिए कि कुट्टू का आटा कहां से लाकर किन-किन क्षेत्रों में सप्लाई किया जा रहा है। उसकी गुुणवत्ता कैसी और वह एक्सपाइरी डेट का तो नहीं है।