कोरोनाकाल के बाद ऑनलाइन शॉपिंग का चलन बढ़ा है। त्योहारी सीजन में कंपनियां ऑनलाइन खरीददारी पर ऑफर लेकर आ गई हैं। ऑनलाइन खरीददारी चलन बढ़ने से साइबर ठग भी सक्रिय हो गए हैं। पुलिस की साइबर सेल की ओर से ग्राहकों को सतर्कता बरतने के लिए जागरूक किया जा रहा है।
डिजिटल दौर में लोगों को ऑनलाइन शॉपिंग ज्यादा पसंद आ रही है। ऐसे ही लोग साइबर ठगों का सॉफ्ट टारगेट बन रहे हैं। साइबर ठगों द्वारा ऑनलाइन शॉपिंग, बैंक ट्रांजेक्शन से लेकर ऑनलाइन बिलिंग तक पर नजर रखी जा रही है। त्योहारी सीजन में लोगों को ज्यादा ठगी का शिकार बनाया जा रहा है। इस समय ऑनलाइन खरीदारी में समझदारी की जरूरत है। सतर्कता ना बरतने पर साइबर ठग आपके खाते को हैक करके आपके बैंक से पैसे भी ट्रांसफर कर सकते हैं।
त्योहारी सीजन में ज्यादा सतर्क रहने की जरूरत है। बिना सावधानी बरते ऑनलाइन बिल पेमेंट करने या किसी ई-कॉमर्स साइट से गजट खरीदने और एटीएम से कैश निकालने पर ठगी का शिकार हो सकते हैं। एसएसपी डॉ. योगेंद्र सिंह रावत ने बताया कि किसी भी वेबसाइट पर खरीदारी करने से पहले उसका डोमेन नेम जरूर चेक करना चाहिए। यह देखना भी जरूरी है कि यूआरएल में एचटीटीपीएस हो ना कि खाली एचटीटीपी। इसके बाद साइट की स्पेलिंग चेक करनी चाहिए ताकि डोमेन का नाम पता चल सके। जिस कंपनी से सामान ले रहे हैं उसकी प्रोडक्ट इंश्योरेंस सर्विस लेनी चाहिए। ऑनलाइन भुगतान से बचना चाहिए कैश ऑन डिलीवरी का विकल्प लेना चाहिए।
गलत विकल्प चुना तो लग जाएगा चूना
आनलाइन शापिंग प्लेटफार्म पर जाते ही आपको वैसे ही मिलते-जुलते कई विकल्प दिखेंगे। यदि आप गलत विकल्प में अपनी विवरणी डालते हैैं तो यकीनन ठगी के शिकार बन जाएंगे। साथ ही आपके मोबाइल के मैसेज बाक्स में भी इस फेस्टिवल सीजन पर कई अनजान नंबर से मैसेज आ सकते हैैं। काल कर भी लुभावने आफर का प्रलोभन मिलेगा। जैसे-जैसे आप उनके निर्देशों को फालो करते जाएंगे, आपकी डिटेल उन तक पहुंचती जाएगी। ऐसे में आप अपनी रकम गंवा सकते हैं।
इसलिए अपना तरीका बदल रहे शातिर
मोबाइल रिचार्ज के जरिए एक मोबाइल कंपनी से फ्राड शुरू किया था। धीरे-धीरे साइबर ठगी का नया तरीका ईजाद होता गया। इसके बाद बैंक प्रबंधक बनकर एकाउंट अपडेट, एटीएम क्लोनिंग, यूपीआई के जरिए ठगी, मूवी क्विक साफ्टवेयर, पेटीएम समेत अन्य मनी ट्रांजेक्शन एप के जरिये साइबर ठगी की जाती रही। कोरोना काल में कोविड एप के नाम पर लोगों को ठगी का शिकार बनाया। अब जैसे फेस्टिव सीजन आया तब साइबर अपराधी फेस्टिव आफर के नाम पर लोगों को ठगने को तैयार है।