श्री भगवानदास आदर्श संस्कृत महाविद्यालय के प्राचार्य डा. निरंजन मिश्र की गिरफ्तारी के विरोध में
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श्री भगवानदास आदर्श संस्कृत महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. निरंजन मिश्र की गिरफ्तारी के विरोध में महाविद्यालय के बाहर धरना-प्रदर्शन जारी रहा। धरने पर पहुंचे एनएसयूआई और श्री अखंड परशुराम अखाड़ा के कार्यकर्ताओं ने प्राचार्य को ससम्मान रिहा करने और षड्यंत्र करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
पूर्व स्नातक परिषद की ओर से महाविद्यालय के पूर्व स्नातक डॉ. दीपक कोठारी ने कहा कि प्रत्येक छात्र यह जानता है कि महाविद्यालय की संपत्ति को खुर्द-बुर्द करने के एक बड़ा षड्यंत्र चल रहा है। फर्जी मुकदमा दर्ज करवाकर एक संत ने निर्दोष प्राचार्य को गिरफ्तार कराया है। उन्होंने कहा कि ट्रस्ट को महाविद्यालय प्रबंध समिति में सिर्फ एक सदस्य देने का अधिकार है। वह अधिकार वर्तमान में भी पूर्ण सुरक्षित है। वर्तमान में ट्रस्ट का कोई भी सदस्य नहीं है। इसका निर्णय कोर्ट में होना बाकी है। धरने के समर्थन में अखंड परशुराम अखाड़ा ने सिंह द्वार से धरना स्थल तक रैली निकाली। जिलाध्यक्ष अंकित शर्मा ने कहा कि प्राचार्य की गिरफ्तारी करना बेहद ही शर्मनाक है।
एनएसयूआई के महासचिव गौरव शर्मा ने कहा कि प्राचार्य को बिना जांच के गिरफ्तार किया जाना निंदनीय है। एनएसयूआई छात्रों की मांग का पूर्ण समर्थन करती है। बिहार सांस्कृतिक परिषद बीएचईएल रानीपुर के पूर्व सचिव योगेंद्र पांडेय ने कहा कि प्राचार्य को षड्यंत्र के तहत जेल भेजा गया है। इस मौके पर कटन भारद्वाज, हर्षित, विशाल शर्मा, हर्ष पांडेय, योगेश वशिष्ठ, कुनाल शर्मा, हर्ष शर्मा, विष्णु गौड़, नितेश सेमवाल, हिमांशु शर्मा आदि मौजूद रहे।