त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव कराने के लिए प्रधान समेत सभी पदों का अनंतिम आरक्षण फिर से स्थगित कर दिया गया है। शासन से दिए गए आदेशों में फिर से विधानसभा चुनाव का हवाला देते हुए पांच जनवरी के बाद आरक्षण का कार्यक्रम जारी करने की बात कही गई है। जबकि दिनभर अफसर आरक्षण के लिए कसरत और ग्रामीण आरक्षण जारी होने का इंतजार करते रहे।
ग्राम पंचायतों का कार्यकाल समाप्त हुए आठ महीने से अधिक का समय गुजर गया है। अभी तक पंचायत चुनाव न होने के कारण एडीओ पंचायत ही बतौर प्रशासक के रूप में कार्य देख रहे हैं। शासन ने पंचायतों में ग्राम प्रधान, ग्राम पंचायत सदस्य, क्षेत्र पंचायत, जिला पंचायत, ब्लॉक प्रमुख पदों का अनंतिम आरक्षण करने के लिए 29 नवंबर का तिथि निर्धारित की थी।
27 नवंबर को शासन ने जनपद में फोटोयुक्त मतदाता पहचान पत्र और नए मतदाताओं को मतदाता सूची में शामिल करने के लिए 30 नवंबर तक अभियान चलने के कारण अनंतिम आरक्षण 10 दिसंबर को जारी करने के आदेश दिए थे।
शुक्रवार सुबह से ही जिला मुख्यालय पर अधिकारी अनंतिम आरक्षण के प्रस्ताव बनाने के लिए जुट गए थे। दिनभर आरक्षण तैयार करने की कसरत करने के बाद शाम को शासन से विधानसभा चुनाव की मतदाता सूची बनने का तर्क देकर फिर से पांच जनवरी तक स्थगित कर दिया गया। मुख्य विकास अधिकारी सौरभ गहरवार ने बताया कि अब शासन से मिलने वाले नए आदेशों पर आरक्षण करने की प्रक्रिया फिर से शुरू की जाएगी।