ज्वालापुर से सटे सराय में एक दशक में आबादी तेजी के साथ बढ़ी है। नई कॉलोनियां विकसित हो गई हैं, लेकिन पेयजल के लिए नए ट्यूबवेल और ओवरहेड टैंक नहीं बने। एक ओवरहेड टैंक से 30 हजार आबादी वाले क्षेत्र में पेयजल आपूर्ति की जाती है। ऐसे में गर्मी बढ़ते ही पेयजल संकट गहराता है।
सराय में वर्ष 1990 में दो ओवरहेड टैंक बनाए गए थे। उस समय यहां की आबादी करीब तीन हजार थी। एक टैंक आज तक भी चालू नहीं हो पाया। जबकि एक से ही पानी की सप्लाई होती आ रही है। पिछले दस सालों में क्षेत्र की आबादी तेजी से बढ़ी है। स्थानीय लोगों की मानें तो आसपास 20 से ज्यादा नई कॉलोनियां बनने के बाद वर्तमान में करीब 30 हजार तक आबादी पहुंच गई। लेकिन, पेयजल के लिए ओवरहेड टैंक, ट्यूबवेल, ज्यादा क्षमता की पेयजल लाइनें नहीं बिछाई जा सकी है। ऐसे में पिछले दो साल से लगातार पेयजल संकट खड़ा होने लगा है। पिछले कुछ दिनों से घरों में पानी ही नहीं आ रहा है। रमजान चल रहा है। ऐसे में लोगों को इफ्तारी से लेकर सेहरी की तैयारी करने में भी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
क्षेत्र में पेयजल का संकट खड़ा होने लगा है। आबादी बहुत बढ़ गई है। आबादी के हिसाब से ये टैंक पर्याप्त नहीं है। पिछले दो साल से पानी की ज्यादा समस्या खड़ी होती जा रही है।
- अकरम अंसारी
पीने के पानी के लिए हैंडपंपों पर जाने को मजबूर हैं। शिकायतों के बाद भी कोई हल नहीं निकल पा रहा है। विभाग को जरूरत के अनुसार संसाधन बढ़ानपे चाहिए।
- मकबूल
पूर्व में लोग पानी की समस्या को लेकर धरने पर भी बैठ गए थे। उस समय समस्या दूर करने का आश्वासन मिला था। लेकिन कुछ दिन स्थिति ठीक रही। लेकिन फिर वही स्थिति बन गई।
- अरशद अंसारी
पहले बिना मोटर के ही पानी दूसरी मंजिल तक पहुंच जाता था। लेकिन अब मोटर चलाकर भी प्रेशर नहीं है। क्योंकि क्षेत्र की आबादी तो बढ़ गई। लेकिन पेयजल सप्लाई के लिए संसाधन नहीं बढ़ाए गए।
- आदिल
पेयजल की समस्या को दूर कराया जाएगा। समस्या के निस्तारण के लिए टीम मौके पर भेजी जाएगी। सराय में नया ओवरहेड टैंक बनाने की कोई योजना अभी नहीं बनी है।
- मदन सेन, अधिशासी अभियंता जल संस्थान