14 जुलाई से शुरू होने वाली कांवड़ यात्रा में हुड़दंगियों से निपटने के लिए पुलिस ने योजना बना ली है। कांवड़ की भीड़ के बीच एसपीओ चलेंगे। वे हर छोटी-बड़ी सूचनाएं पुलिस से साझा करेंगे। चप्पे चप्पे पर सीसीटीवी कैमरों से निगरानी रहेगी। हुड़दंग मचाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस महानिदेशक अशोक कुमार ने उत्तराखंड पुलिस के फेेसबुक पेज पर कांवड़ तैयारियों की कार्ययोजना साझा की है। डीजीपी ने कहा कि शिवभक्तों में जोश होता है, लेकिन सभी को गंगा की मर्यादा और दूसरों को परेशानी न हो, इसका ध्यान रखना चाहिए। पुलिस व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग देना चाहिए ताकि कांवड़ यात्रा सकुशल संपन्न कराई जा सके।
उन्होंने कहा कि वाहनों की ओवर स्पीड, बिना साइलेंसर बाइक, बिना कागज के डग्गामार वाहनों को सीज किया जाएगा। नशीला पदार्थ या किसी भी तरह का हथियार मिलने पर कार्रवाई की जाएगी। हरिद्वार सीमा में प्रवेश के साथ डीजे के कान फोड़ू आवाज पर रोक रहेगी। डीजे पर किसी भी तरह के विवादित गीत बजाने पर रोक होगी।
यात्रा रूट पर सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। यात्रियों की भीड़ के बीच पब्लिक के एसपीओ चलेंगे। वे हर सूचना पुलिस के साथ साझा करेंगे। डीजीपी ने कहा कि कांवड़ मार्ग पर सेवा स्टॉल लगाने वाले सिंगल यूज प्लास्टिक और थर्माकोल का इस्तेमाल न करें।
10 हजार पुलिस कर्मी, 19 कंपनियां फोर्स की रहेंगी तैनात
कांवड़ यात्रा में चार करोड़ शिवभक्तों के हरिद्वार आने की उम्मीद है। पुलिस के लिए भीड़, यातायात और शांतिपूवर्क यात्रा सुचारु कराना बड़ी चुनौती है। इसके लिए तैयारियां कर ली गई हैं। हरिद्वार, ऋषिकेश और नीलकंठ क्षेत्र को 15 सुपर जोन, 45 जोन, 175 सेक्टर में बांटा गया है। इनमें 10 हजार पुलिस कर्मी, छह कंपनियां अर्द्धसैनिक बल और 13 कंपनियां पीएसी के अलावा स्थानीय पुलिस की तैनाती रहेगी।