स्कूल-कॉलेजखुलने के डेढ़ माह बाद ही बच्चों के साथ परीक्षाएं आ गई हैं। बच्चों की पढ़ाई भी पूरी नहीं हो सकी है। इसके कारण बच्चे परीक्षाओं को लेकर चिंतित नजर आ रहे हैं क्योंकि उन्हें आधी-अधूरी तैयारियों के बीच परीक्षाएं देनी पड़ेंगी।
सोमवार से बोर्ड परीक्षाएं शुरू होने जा रही हैं। ऐसे में बच्चों के सामने कम समय में बोर्ड परीक्षाएं देने की बड़ी चुनौती बनी हुई है। फेरूपुर के छात्र अमित कुमार ने बताया कि स्कूल कम समय खुलने से वह ढंग से तैयारी नहीं कर सके हैं हालांकि वह परीक्षा देने के लिए पूरी तरह से तैयार हैं।
चुड़ियाला गांव की सीमा ने बताया कि पूरे साल तो कॉलेज बंद ही रहे। अब थोड़े दिन कॉलेज खुला तो पढ़ाई अच्छे से हुई। पढ़ाई के लिए पर्याप्त समय न मिलने से कुछ टेंशन तो हो रही है। भल्ला इंटर कॉलेज के छात्र दीपक ने बताया कि परीक्षा को लेकर चिंता सता रही है क्योंकि तैयारी करने का पूरा समय नहीं मिल पाया है। छात्र विक्की का कहना है कि वह कोरोना काल में घर पर तो पढ़ाई कर रहे थे, पर उतनी तैयारी इस बार नहीं हो पाई है। फिर भी पूरी मेहनत के साथ परीक्षा देंगे।
शिक्षक बढ़ा रहे मनोबल
बोर्ड परीक्षा को लेकर छात्र-छात्राओं की टेंशन बढ़ गई है। बच्चे ही नहीं अभिभावक और शिक्षक भी चिंतित हैं। शिक्षक छात्र-छात्राओं का मनोबल बढ़ा रहे हैं ताकि छात्र मानसिक दबाव से बाहर निकल सकें। बच्चों के बोर्ड परीक्षाओं में अच्छे अंक लाने के लिए आदर्श बाल सदन इंटर कॉलेज बहादरपुर जट में हवन-यज्ञ किया गया। प्रधानाचार्य धर्मेंद्र सिंह चौहान, भल्ला इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य ओपी गोनियाल ने बताया कि बोर्ड परीक्षाओं के लिए बच्चों का मनोबल बढ़ाया जा रहा है।