आने वाले समय में यात्रियों को खटारा बसों में सफर करना पड़ सकता है। परिवहन निगम की नई और अच्छी हालत वाली बसें चुनाव ड्यूटी में भेजी जाएंगी। इससे दिल्ली समेत कई रूटों की बसों की संख्या भी कम हो जाएगी।
विधानसभा चुनाव की घोषणा के बाद पुलिस को चुनाव कराने के लिए विभिन्न जिले में भेजा जाता है। चुनाव की घोषणा होते ही रोडवेज मुख्यालय ने भी अपनी तैयारियां शुरू कर दी हैं। हरिद्वार डिपो से करीब 100 बसों का संचालन होता है। इसमें अनुबंधित बसें भी शामिल हैं। चुनाव ड्यूटी में अनुबंधित बसें नहीं भेजी जा सकती हैं। चुनाव ड्यूटी के लिए परिवहन निगम की बसों का ही अधिग्रहण किया जाता है। ऐसे में रोडवेज के पास अनुबंधित बसें ही रह जाएंगी। जिनमें से कई बसें खटारा हाल में हैं।
रोडवेज बसों के अधिग्रहण प्रक्रिया शुरू होने के साथ जनवरी के अंतिम सप्ताह के बाद दिल्ली समेत कई रूटों पर जाने वाली बसों की संख्या भी कम हो जाएगी। रोडवेज के एआरएम प्रतीक जैन ने बताया कि चुनाव ड्यूटी में नई और अच्छी हालत वाली बसों को भेजा जाएगा। इन बसों के चले जाने के बाद दिल्ली के लिए बसों की संख्या काफी कम हो जाएगी, क्योंकि यहां पुरानी बसों को नहीं भेजा जा सकता है। उन्होंने बताया कि बसों को सूची तैयार की जा रही है। अभी तक डिमांड नहीं आई है।