कोरोना कर्फ्यू की पाबंदियों खत्म होने के बाद जनजीवन पटरी पर लौट आया है। बाजार में भीड़ उमड़ रही है। कोविड मानकों के पालन के साथ सभी व्यवसायिक प्रतिष्ठान खुल गए हैं। बाजारों में भीड़ और खरीदारी बढ़ने के बाद भी कागजों में धंधा अभी तक मंदा ही चल रहा है। कागजों में होने वाली हेराफेरी से सरकार को गुड्स एवं सर्विस टैक्स के रूप में करोड़ों रुपये का चूना लग रहा है। राज्य कर विभाग की एसआईबी ने ऑनलाइन ट्रांजेक्शन की निगरानी शुरू कर दी है। कई प्रतिष्ठानों की वास्तविक बिक्री और रिटर्न में अंतर आने पर उनकी कुंडली खंगालनी शुरू कर दी है।
कोविड की दूसरी लहर से हरिद्वार की अर्थव्यवस्था पटरी से उतर गई थी। इसका असर सरकारी खजाने पर भी पड़ा था। गुड्स एवं सर्विस टैक्स के रूप में मिलने वाला राजस्व सिमट गया था। संक्रमण कम होने के साथ बाजारों में रौनक लौट आई है। खूब खरीदारी हो रही है। श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ रही है। होटलों में एडवांस बुकिंग और रेस्टोरेंट पैक हो रहे हैं। फूड वेंडरों से ऑनलाइन आर्डर हो रहे हैं। अधिकतर ग्राहक बाजारों से लेकर सर्विस सेक्टर में ऑनलाइन ट्रांजेक्शन कर रहे हैं। लेकिन सेवा प्रदाता प्रतिष्ठान एवं व्यापारी रिटर्न फाइल में वास्तविक बिक्री औरवं कमाई नहीं दर्शा रहे हैं।
राज्य कर विभाग की ज्वाइंट कमिश्नर सुनीता पांडेय के मुताबिक एसआईबी की टीमें ऑनलाइन ट्रांजेक्शन की निगरानी कर रही हैं। टैक्स चोरी की आशंका के चलते कई प्रतिष्ठानों और सेवा प्रदाता इकाइयों के ऑनलाइन ट्रांजेक्शन का ब्योरा मंगवाया है। इसी ब्योरे से 13 फूड वेंडरों और रेस्टोरेंट में ढाई करोड़ की बिक्री पर टैक्स चोरी पकड़ी है। सुनीता पांडेय के मुताबिक कई प्रतिष्ठानों की गोपनीय जांच और उनकी खातों के ट्रांजेक्शन एवं रिटर्न का मिलान कराया जा रहा है। जल्द ही संभाग में छापामारी की बड़ी कार्रवाई की जाएगी।
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बाजार में रौनक बढ़ी है, लेकिन रिटर्न फाइल में कारोबार मंदा है। कांवड़ यात्रा निरस्त होने का असर भी है। कई प्रतिष्ठान एवं सेवा प्रदाता इकाइयां गुड्स एवं सर्विस टैक्स की चोरी कर रही हैं। हरिद्वार संभाग में ऑनलाइन ट्रांजेक्शन के आधार पर जांच की जा रही है।
- सुनीता पांडेय, ज्वाइंटर कमिश्नर, राज्य कर विभाग