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रोडवेज में चालकों की कमी, बसों पर लग रहा ब्रेक

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उत्तराखंड परिवहन निगम (रोडवेज) की हरिद्वार डिपो में चालकों का कमी है। चालक नहीं होने से हर रोज किसी न किसी रूट पर बस खड़ी हो रही है। यात्रियों के अधिक दबाव वाले रूटों पर चालकों को बिना ब्रेक दिए बसें दौड़ाई जा रही हैं। लंबे रूट के चालकों को भी आराम नहीं मिल रहा है। लगातार ड्यूटी करने से दुर्घटना होने का भी खतरा बना है।
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अमर उजाला ने मंगलवार को रोडवेज के चालकों की संख्या की पड़ताल की। जानकारी मिली कि हरिद्वार डिपो में परिवहन निगम और अनुबंध की करीब 110 बसें हैं। जबकि बसों को चलाने के लिए करीब दो सौ चालकों की आवश्यकता है। अभी 133 चालकों की ही तैनाती हैं। इनमें 36 निगम के नियमित और अन्य चालक विशेष श्रेणी व संविदा पर हैं। 133 चालकों में औसतन प्रतिदिन 15 चालक किसी न किसी वजह से अवकाश पर रहते हैं। चालकों का संकट होने से बसों की रफ्तार पर ब्रेक लग रहा है।
हरिद्वार बस अड्डा अंतरराज्यीय है। प्रतिदिन करीब 15 हजार से ज्यादा यात्री बसों से यात्रा करते हैं। स्नान पर्वों पर संख्या और भी अधिक हो जाती है। दिल्ली, उत्तर प्रदेश और हिमाचल, चंडीगढ़, पंजाब रूट पर यात्रियों का ज्यादा दबाव रहता है। जबकि पर्वतीय रूटों पर भी जाने वाले यात्रियों की संख्या अधिक रहती है। चालकों की कमी से बदरीनाथ, उत्तरकाशी, कर्णप्रयाग, हल्द्वानी सहित कई रूटों पर किसी न किसी दिन बस का संचालन नहीं हो पाता। जिससे यात्रियों को परेशानी झेलनी पड़ती है।
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दबाव बढ़ने पर चालकों को भेजा जाता है दोबारा
यात्रियों का दबाव बढ़ने के बाद चालकों को तत्काल ही बिना ब्रेक दिए दोबारा से रूट पर भेज दिया जाता है। स्नान पर्वों के दौरान अक्सर ये स्थिति होती है। जबकि रूट से लौटने के बाद चालक को आराम करने के लिए अवकाश मिलता है। वहीं अधिकांश चालक पर्वतीय रूट की बसों पर जाने से कतराते हैं।
बदरीनाथ जा रही बस रास्ते में खराब
हरिद्वार। मंगलवार को सुबह करीब सात बजे बस अड्डे से बदरीनाथ के लिए बस रवाना हुई। उस वक्त बस में 20 से अधिक सवारी थी। बस शांतिकुंज के पास पहुंची तो अचानक बंद हो गई। चालक ने चेक किया तो रेडिएटर से पानी उबलकर बाहर निकल रहा था। इसके बाद यात्रियों को उतारकर बस को वर्कशॉप में ले जाया गया। यात्रियों को दूसरे माध्यम से रवाना होना पड़ा। जबकि इससे एक दिन पहले चालक न होने से बस का संचालन ठप रहा। एक सप्ताह पहले भी इस रूट पर संचालन नहीं हुआ था।
चालकों की डिमांड भी मुख्यालय भेजी गई है। मुख्यालय स्तर से ही चालकों की भर्ती होनी है। जल्द ही चालकों की भर्ती होने की भी उम्मीद है। किसी भी रूट पर बसों का संचालन ठप न हो यही प्रयास रहता है।
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- प्रतीक जैन, सहायक महाप्रबंधक, उत्तराखंड परिवहन निगम हरिद्वार
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