उत्तर प्रदेश सरकार से उत्तराखंड को मिले होटल अलकनंदा को प्रदेश सरकार की ओर से यात्रियों के ठहरने के लिए खोल दिया गया है। पर्यटन विभाग की ओर से होटल का संचालन करने का जिम्मा गढ़वाल मंडल विकास निगम को दिया गया है। खास बात यह है कि उत्तराखंड सरकार ने होटल का किराया उत्तर प्रदेश से कम निर्धारित किया है।
5 मई को उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से होटल अलकनंदा के पास भागीरथी पर्यटक आवास गृह का लोकार्पण मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किया था। इसी दौरान उन्होंने एक समझौते के तहत उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को होटल अलकनंदा की चाभी भी सौंप दी थी, लेकिन एक माह का समय गुजरने के बाद भी अभी तक होटल अलकनंदा का संचालन उत्तराखंड सरकार की ओर से शुरू नहीं किया गया था। इसके कारण धर्मनगरी आने वाले यात्रियों को होटल अलकनंदा में ठहरने का अवसर नहीं मिल पा रहा था।
अब एक माह बाद गढ़वाल मंडल विकास निगम ने होटल अलकनंदा को यात्रियों के लिए खोल दिया है। होटल में कुल 39 कमरे हैं, जिनमें 30 एसी और 9 बिना एसी के रूम हैं। लेकिन फिलहाल 20 एसी वाले रूम ही यात्रियों को देने की स्थिति में हैं । शेष कमरों की हालत सही नहीं होने से उन्हें यात्रियों को नहीं दिया जाएगा। हालांकि, कमरों का शुल्क उत्तर प्रदेश से कम रखा गया है।
उत्तर प्रदेश सरकार का पहले एक कमरे का न्यूनतम किराया कम से कम 4256 रुपये था। अब उसका किराया 3360 रुपये निर्धारित किया गया। जिस कमरे का अधिकतम किराया 8288 था। वह 6560 रुपये रखा गया है। इसलिए यात्री अब उत्तर प्रदेश सरकार के मुकाबले कम किराये में रात्रि प्रवास होटल में कर सकेंगे।
यात्रियों के लिए होटल अलकनंदा को खोल दिया गया है। यात्री होटल में आकर ठहर सकते हैं। अभी तक करीब 200 यात्री होटल में रात्रि विश्राम भी कर चुके हैं। होटल में यात्रियों को अच्छी सुविधाएं देने का हर संभव प्रयास किया जाएगा।
- सुशील नौटियाल, क्षेत्रीय प्रबंधक, गढ़वाल मंडल विकास निगम (पर्यटन)