हरिद्वार। भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने 28 मिनट के भाषण में सात मिनट प्रदेश की हरीश रावत सरकार पर जमकर जुबानी हमले किए। शाह ने मुख्यमंत्री रावत पर भ्रष्टाचार के आरोपों की झड़ी लगाते हुए जनता से राज्य की कांग्रेस सरकार को उखाड़ फेंकने का आह्वान किया।
रैली में कांग्रेस के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राहुल गांधी के बाद अमित शाह के निशाने पर सबसे ज्यादा हरीश रावत रहे। शाह ने कांग्रेस उपाध्यक्ष पर चुटकी लेते हुए कहा कि राहुुल बाबा हमसे पूछते हैं कि, मोदी सरकार ने दो साल में क्या किया? राहुल को हमारे बजाय हरीश रावत से पूछना चाहिए कि उन्होंने पिछले दो साल में उत्तराखंड के लिए क्या किया। फिर खुद ही जवाब देने के अंदाज में बोले कि सचिव, विधायक के स्टिंग से लेकर हरीश रावत के खुद के स्टिंग ने उनकी भ्रष्टाचार में संलिप्तता को उजागर कर दिया है। विधायकों को खरीदने के लिए पांच-पांच करोड़ रुपये दिए गए। कुर्सी बचाने के लिए जनता के खून पसीने के डेढ़ सौ करोड़ रुपये विधायकों पर उड़ा दिए।
फ्लोर टेस्ट के दौरान हरीश रावत के पक्ष में 32 विधायक खड़े हुए। इन 32 विधायकों में से एक भी ऐसा नहीं है जिसे लाल बत्ती न मिली हो। जनता के पैसे से हरीश रावत अपनी सरकार बचाने की कोशिश कर रहे हैं।
सरकार बनने के बाद भी सभी विधायकों को कोई न कोई सरकारी पद देकर हर महीने तीन सौ करोड़ रुपये की बर्बादी की जा रही है। अमित शाह ने देवभूमि उत्तराखंड को संतों के अनुरूप बनाने के लिए हरीश रावत सरकार को उखाड़ने और प्रधानमंत्री मोदी में विश्वास जताने के आह्वान के साथ ही अपने भाषण को समाप्त किया।
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सात बार कहा राहुल बाबा
अमित शाह ने राहुल गांधी और सोनिया गांधी पर खूब चुटकी ली। अपने पूरे भाषण में शाह ने लगभग सात बार राहुल गांधी को राहुल बाबा नाम से संबोधित किया। जनता से अपील की कि इतनी जोर से नारे लगाएं कि दिल्ली में शहजादे (राहुल गांधी) को भी सुनाई दे। फिर कहा कि देश में थोड़ी गर्मी क्या बढ़ी कि राहुल बाबा विदेश घूमने चल दिए। अमित शाह ने देश में आपातकाल की याद दिलाते हुए कहा कि मोदी सरकार पर झूठे आरोप लगाने के बजाय सोनिया गांधी और राहुल को अपने परिवार के इतिहास को देखना चाहिए।