नगर निगम प्रशासन के शहर को स्वच्छ रखने के सारे जतन असफल साबित हो रहे हैं। सफाई के लिए किए गए प्रयोग भी परवान चढ़ते नजर नहीं आ रहे। शहर का कोई इलाका नहीं जहां कूड़े के ढेर नजर न आते हों। नई व्यवस्थाएं शुरू करने के लिए पैसा भी पानी की तरफ से बहा जा रहा है। इसके बाद भी धरातल हालत जस की तस हैं। जगह-जगह श्रद्घालुओं से लेकर आमजन को कूड़े के ढेरों के बीचों से होकर गुजरना पड़ रहा है।
विश्व प्रसिद्ध धर्मनगरी हरिद्वार में रोजाना बड़ी संख्या में श्रद्धालु धर्म लाभ लेने के लिए पहुंचते हैं। रेलवे स्टेशन और बस अड्डे से उतरते ही गंगा स्नान करने के लिए श्रद्धालु हरकी पैड़ी की तरफ रुख करते हैं। इस क्षेत्र में हरकी पैड़ी, बड़ा बाजार, अपर रोड, मोती बाजार, कुशाघाट, छोटी सब्जी मंडी, बड़ी सब्जी मंडी आदि सभी मुख्य बाजार पड़ते हैं। नगर निगम के हरकी पैड़ी वार्ड नंबर 7, कुशाघाट वार्ड नंबर 8, शिवमूर्ति का वार्ड 11 ऐसा है, जिसमें बाहर से आने वाले श्रद्घालु का जमावड़ा रहता है। भीड़ वाले बाजारों और वार्डों में निगम प्रशासन की ओर से साफ-सफाई के लिए की जा रही व्यवस्था कम पड़ रही हैं। इस कारण बाजार और वार्डों की गलियों और मुख्य सड़कों की स्थिति सफाई के मामले में बेहद खराब रहती है। विष्णु घाट के समीप डंपिंग जोन तो बना दिया गया है। जिस पर शाम से ही घर, दुकान, ढाबे आदि का कूड़ा गिरना शुरू हो जाता है। उसे समय से नहीं उठाया जाता है।
सफाई कर्मियों की हो भर्ती
पार्षद श्रुति खेवड़िया, मंजू गर्ग, राजीव भार्गव ने बताया कि निगम में सफाई कर्मचारियों की कमी है। इस वक्त निगम में नई भर्तियों की जरूरत है। जब तक सफाई कर्मचारियों की भर्ती नहीं हो पाएगी, तब तक सफाई व्यवस्था पटरी पर नहीं आ पाएगी।
घर-घर से कूड़ा उठाने के दावों पर सवाल
नगर निगम का दावा है की डोर टु डोर अभियान से कूड़ा निस्तारण में काफी मदद मिल रही है। ऐसे में सवाल खड़ा हो रहा है कि जब निगम को डोर टु डोर कूड़ा उठान की व्यवस्था में सफलता मिल रही है तो फिर बाजारों में कूड़ा कैसे पहुंच रहा है। इससे निगम प्रशासन के सारे दावों की हकीकत में सच्चाई सामने आ रही है। इस वजह से 1 से 31 मार्च तक चल रहे स्वच्छता सर्वेक्षण में धर्मनगरी में पड़े कूड़े के ढेर कही हरिद्वार को रैंकिंग को और पीछे धकेल सकते हैं।
साफ सफाई की व्यवस्था बहुत खराब है। निगम के पास सफाई कर्मचारियों कि कमी है। यात्री सीजन को देखते हुए निगम को अभी से चिंतन करना चाहिए
- राहुल शर्मा, व्यापारी नेता
बाजार में कूड़े के ढेर लगे रहते हैं। सुबह बाजार में झाड़ूू लगाकर कूड़ा उठाया जाता है। इसके बाद भी बाजार में कूड़े ढेर लगे रहना आम बात रहती है।
- दिनेश कुकरेजा, व्यापारी
दुकानों के आसपास और सड़कों पर कूड़ा बिखरा रहता है। गंदगी से शहर के लोगों के साथ बाहर से आने वाले यात्री भी परेशान रहते हैं।
- रामकर, श्रद्धालु
पिछले 10 साल से हरिद्वार आ रहा हूं। कुंभ के बाद घाट तो सुंदर बन गए हैं, पर बाजार में गंदगी है। जो धर्मनगरी जैसे शहर के लिए अच्छी बात नहीं है।
- हरू कर, श्रद्धालु
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संविदा पर कर्मचारी बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है, जल्द ही हरिद्वार शहर को कूड़ा मुक्त बनाया जाएगा। जिससे शहर में 27 मार्च से कहीं कूड़ा नहीं मिलेगा।
- दयानंद सरस्वती, नगर आयुक्त, नगर निगम हरिद्वार