तहसील में भूलेख डाटा एंट्री ऑपरेटरों के कार्यबहिष्कार के दौरान परेशान होते लोग ।
- फोटो : HARIDWAR
हरिद्वार। भूलेख डाटा एंट्री ऑपरेटरों के कार्यबहिष्कार पर चलने से तहसीलों में फरियादी भटक रहे हैं। न तो उन्हें खतौनी की नकल मिल पा रही है और न ही दाखिल खारिज के काम हो रहे हैं। इसके कारण लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उधर, भूलेख डाटा एंट्री ऑपरेटर संगठन ने मंगलवार को मांगें पूरी नहीं होने पर सामूहिक रूप से इस्तीफा देने की चेतावनी दी है।
तहसीलों में भूलेख डाटा एंट्री ऑपरेटर नियुक्त किए गए हैं। ये कर्मचारी किसानों को कंप्यूटर से खतौनी की नकल, दाखिल खारिज हुए दस्तावेजों को अपडेट करना और किसानों की खतौनी की नकल में ऋण संबंधी कार्य को अपडेट करते हैं। इसके साथ ही प्रधानमंत्री स्वामित्व योजना के दस्तावेजों को कंप्यूटर में फीड कर संपत्ति कार्ड तैयार करते हैं, लेकिन ये कर्मचारी अपनी कई मांगों को लेकर 12 अगस्त से कार्यबहिष्कार पर चल रहे हैं। ये तहसीलें छोड़कर देहरादून में राजस्व परिषद मुख्यालय पर धरना प्रदर्शन कर रहे हैं।
हरिद्वार तहसील समेत रुड़की, भगवानपुर और लक्सर तहसील में कर्मचारियों के कार्यबहिष्कार पर रहने से तहसील के काम ठप पड़े हुए हैं। तहसील में खतौनी की नकल लेने के लिए पहुंचने वाले लोग बैरंग लौट जा रहे हैं। किसानों के किसान क्रेडिट कार्ड बनवाने के लिए जमीनी संबंधी कार्य नहीं हो पा रहे हैं। वहीं, प्रधानमंत्री स्वामित्व योजना के तहत मिलने वाले संपत्ति कार्ड बनने का काम भी प्रभावित हो रहा है। उत्तराखंड भूलेख डाटा एंट्री ऑपरेटर संघ के जिलाध्यक्ष विकास रस्तोगी ने बताया कि मांगें पूरी नहीं होने पर मंगलवार को संघ के समस्त ऑपरेटर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को सामूहिक रूप से इस्तीफा देंगे।