एक अप्रैल से कोरोना संक्रमणकाल के साए में हुए कुंभ में मेला प्रशासन की ओर से अलग से श्रद्धालुओं की 11 निजी लैबों से कोरोना जांच कराई गई थी, जबकि शासन और जिला प्रशासन की ओर से अलग से कोरोना जांच कराई जा रही थी।
कुंभ कोरोना टेस्टिंग घोटाले में कुंभ मेला अधिष्ठान (स्वास्थ्य) की ओर से बैठाई गई जांच पर जिलाधिकारी सी रवि शंकर ने रोक लगा दी है। उनका कहना है कि जिला प्रशासन की ओर से बनाई गई कमेटी की ओर से ही जांच की जाएगी। अलग से जांच कराने की कोई जरूरत नहीं है। इससे मेला प्रशासन ने भी अपनी जांच रोक दी है।
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एक अप्रैल से कोरोना संक्रमणकाल के साए में हुए कुंभ में मेला प्रशासन की ओर से अलग से श्रद्धालुओं की 11 निजी लैबों से कोरोना जांच कराई गई थी, जबकि शासन और जिला प्रशासन की ओर से अलग से कोरोना जांच कराई जा रही थी। मेला प्रशासन (स्वास्थ्य) की ओर से दो लाख 51 हजार कोरोना टेस्टिंग जांच श्रद्धालुओं की गई थी।
इसमें आरटीपीसीआर और एंटीजन दोनों तरह की जांचें की गई थीं। कोरोना जांच करने वाली दो लैबों को तीन करोड़ रुपये से अधिक का भुगतान भी कर दिया गया था, लेकिन कोरोना टेस्टिंग में एक शिकायत सामने आने के बाद शासन स्तर पर की गई प्राथमिक जांच में बड़ा फर्जीवाड़ा होने की पुष्टि हुई थी। इस पर शासन के निर्देश पर जिलाधिकारी सी रवि शंकर ने मुख्य विकास अधिकारी सौरभ गहरवार की अध्यक्षता में जांच के लिए तीन सदस्यीय कमेटी बना दी थी।
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इसमें दो सदस्यों में जिला विकास अधिकारी पुष्पेंद्र सिंह चौहान और मुख्य कोषाधिकारी नीतू को रखा गया था, लेकिन इसके तुरंत बाद मेलाधिकारी स्वास्थ्य अर्जुन सिंह सेंगर ने भी अलग से चार सदस्यीय जांच कमेटी का गठन कर दिया था। इसमें एसीएमओ डॉ. एचडी शाक्य और कमेटी का नोडल अधिकारी डॉ. एनके त्यागी को बनाया गया था।
दो सदस्यों के रूप में फार्मेसिस्ट प्रदीप पांडे और लिपिक सुभाषचंद को शामिल किया गया था। मेलाधिकारी स्वास्थ्य ने दावा किया था कि कोरोना जांच कराकर सभी श्रद्धालुओं के नंबरों की जांच कर सत्यापन किया जाएगा। मेलाधिकारी स्वास्थ्य अर्जुन सिंह सेंगर ने बताया कि अब जिलाधिकारी ने उनकी ओर से गठित की गई जांच कमेटी पर रोक लगा दी है। इससे उनकी तरफ से गठित की गई जांच कमेटी अब अपनी कोई रिपोर्ट नहीं देगी।
आजकल में आ सकती है जांच रिपोर्ट
डीएम के निर्देश पर जांच कर रही कमेटी अपने अंतिम चरण में पहुंच चुकी है। बताया जा रहा है कि जांच करने के दौरान बहुत गंभीरता बरती जा रही है। जिलाधिकारी भी दो दिन पहले शीघ्र जांच रिपोर्ट शासन को सौंपने का दावा कर चुके हैं। ऐसे में इसी सप्ताह जांच रिपोर्ट जारी हो सकती है।