जिलाधिकारी कर्मेंद सिंह ने डेंगू की रोकथाम के लिए विभागीय अधिकारियों की बैठक लेकर संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ काम कर डेंगू पर प्रभावी अंकुश लगाने के निर्देश दिए।
जिला सभागार में आयोजित बैठक में जिलाधिकारी ने निर्देशित करते हुए कहा कि मौसम के भरोसे न रहें। सभी अधिकारी आपसी समन्वय से कार्य योजना को धरातल पर उतारना सुनिश्चित करें। इससे डेंगू का डंक जनपद में पांव न पसार सके। उन्होंने सभी अधिकारियों को सौंपे गए दायित्वों का निर्वहन पूरी कुशलता व तत्परता से करने के निर्देश दिए।
बैठक में जिलाधिकारी कर्मेंद्र सिंह ने जनता से अपील करते हुए कहा कि डेंगू रोग की कोई औषधि एवं वैक्सीन न होने के कारण सावधानी व जागरूकता ही डेंगू से बचाव का उपाय है। उन्होंने अपील की कि मच्छर के प्रजनन स्थलों को समाप्त करने के लिए अपने घरों में आसपास साफ पानी एकत्र न होने दें।
मुख्य विकास अधिकारी आकांक्षा कोंडे ने निर्देशित करते हुए कहा कि इस वर्ष जनपद में डेंगू के कारण एक भी मृत्यु न हो। यह प्रयास किया जाए कि डेंगू के प्रकरणों की संख्या 50 से अधिक न पहुंच सके। उन्होंने डेंगू की रोकथाम के लिए जनपद में तैनात 40 वॉलिंटियर्स का रोस्टर जारी करने के निर्देश दिए।
इस दौरान बैठक में एसडीएम अजयवीर सिंह, जिला पंचायत राज अधिकारी अतुल प्रताप सिंह, सचिव रेडक्रॉस सोसाइटी डॉ.नरेश चौधरी, जिला शिक्षा अधिकारी आशुतोश भंडारी, जिला समाज कल्याण अधिकारी टीआर मलेठा, जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी मीरा रावत, एसीएमओ डॉ. अशोक कुमार तोमर सहित कई अधिकारी मौजूद रहे।
डेंगू के दो नए मरीज मिले
रुड़की क्षेत्र में दो मरीजों में डेंगू की पुष्टि होने से जिले में डेंगू पीड़ित मरीजों की संख्या छह पहुंच चुकी है। इससे पूर्व रुड़की क्षेत्र में एक और हरिद्वार क्षेत्र में तीन डेंगू रोगी मिल चुके हैं। जिला मलेरिया अधिकारी डॉ. गुरनाम सिंह ने बताया डेंगू से पीड़ित दो नए मरीजों में एक रुड़की क्षेत्र के सती मोहल्ला व दूसरी ग्राम पंचायत भंगेड़ी की है। सती मोहल्ले में डेंगू से पीड़ित मरीज महिला है। सभी स्थानों पर स्वास्थ्य विभाग की टीम कीटनाशकों का छिड़काव करने के साथ लोगों को डेंगू से बचाव के प्रति जागरूक कर रहे हैं।