साइबर ठग रोजाना नए-नए तरीकों से लोगों को शिकार बना रहे हैं। वर्तमान में क्रेडिट कार्ड बनवाने के नाम ठगी के मामले बढ़ गए हैं। शातिर क्रेडिट कार्ड को अपडेट करने के नाम पर भी जानकारी जुटाकर रकम साफ कर रहे हैं। साइबर सेल लोगों को ठगी से बचाव के लिए जागरूक कर रही है। तरह-तरह के मीम्स बनाकर सोशल मीडिया पर शेयर किए जा रहे हैं। जिनके जरिये बताया गया है कि ठगी कितने प्रकार की हो सकती है और कैसे बचा सजा सकता है।
साइबर ठगों ने नए तरीके अजमाने शुरू कर दिए हैं। अब लोगों के पास डेबिट और क्रेडिट कार्ड बनाने के लिए फोन आ रहे हैं। यदि आपके पास भी इस तरह के फोन आए तो सावधान हो जाए। अन्यथा आप ठगी का शिकार हो सकते हैं। लोगों से धोखाधड़ी करने वाले लोग अलग-अलग बैंक के नाम पर डेबिट कार्ड और कार्ड बनाने के लिए लोगों को काल कर रहे हैं। शातिर लालच देकर लोगों को फंसा लेते हैं और उनके बैंक संबंधी जानकारी हासिल कर लेते हैं। इसके बाद रकम उड़ा दी जाती है।
साइबर सेल के प्रभारी चंद्र चंद्राकर नैथानी ने बताया कि किसी भी अनजान काल का ज्यादा रिस्पांस न दें। यदि कोई क्रेडिट कार्ड बनवाने की बात करता है तो ध्यान न दें। सीधे बैंक जाकर संपर्क करें। अगर ठगी हो जाती है तो आधा घंटे के अंदर पुलिस को सूचना दें। इतने समय में आपकी ठगी हुई रकम को फ्रीज करने की संभावना रहती है। संवाद
केस वन
कनखल की एक कालोनी में रहने वाले सतीश कुमार के साथ धोखाधड़ी कर 55 हजार रुपये निकाल लिए गए। फोन करने वाले ने डेबिट कार्ड बनवाने के लिए बात की थी। जिसके बाद पीड़ित ने झांसे में आकर उसे खाते की जानकारी बता दी, तभी उसके खाते से 55 हजार रुपये निकाल लिए गए।
केस टू
ज्वालापुर कोतवाली क्षेत्र के आर्यनगर में रहने वाले व पेशे से आईटी इंजीनियर युवक को ठगों ने फोन पर डेबिट कार्ड बनवाने के लिए कहा। इसके बाद उनसे सारी जानकारी ली और कुछ ही देर में उनके खाते से रुपया निकल गया।
कैसे करें बचाव
- किसी भी तरह के ऑफर और लालच में ना आएं
- अनजान व्यक्ति से फोन पर बात कर उसके बहकावे में ना आएं
- अच्छी तरह जांच करने के बाद ही किसी भी बैंक खाते में राशि डालें।
- फेसबुक, ट्विटर आईडी का पासवर्ड स्ट्रांग रखें, सरल पासवर्ड न रखें।
- कोई रुपयों की मांग करता है, तो पहले जांच लें या मैसेज करने वाले से फोन पर संपर्क करें।
- बैंक कर्मचारी कभी भी फोन पर डिटेल्स नहीं मांगते हैं।
हरिद्वार पुलिस की साइबर सेल लगातार ठगी के मामलों में कार्रवाई कर रही है। पीड़ितों का रुपया भी पत्राचार कराकर वापस कराया जा रहा है। साइबर ठगी के मामलों में लोगों को सावधान रहने की जरूरत है।
- डॉ. योगेंद्र सिंह रावत, एसएसपी हरिद्वार