देव संस्कृति विश्वविद्यालय के प्रार्थना सभागार में स्पिक मैके कार्यक्रम का आयोजन किया गया। बनारस घराने से पधारे पंडित रितेश मिश्र और रजनीश मिश्र ने विभिन्न रागों की शानदार प्रस्तुति दी। इसमें भवसागर से पार करो प्रभु, जो राग रंग का भर-भर प्याला पिवे और पिलावे साधु बोल के गायन ने उपस्थित लोगों को भावविभोर कर दिया।
स्पिक मैके यानी सोसायटी फॉर द प्रमोशन ऑफ इंडियन क्लासिकल म्यूजिक एंड कल्चर अमंग असिस्टेंट यूथ, एक गैर राजनीतिक, राष्ट्रव्यापी, स्वैच्छिक आंदोलन है। स्कूल-कॉलेजों में पढ़ रही युवा पीढ़ी को जोड़ने के लिए इस सांस्कृतिक मुहिम की शुरुआत वर्ष 1977 में की गई थी। संस्था का उद्देश्य समाज के युवाओं में भारतीय शास्त्रीय संगीत और संस्कृति को बढ़ावा देना है। इससे पूर्व पंडित रितेश मिश्र और पंडित रजनीश मिश्र जिन्हें मिश्र बंधु के नाम से भी जाना जाता है ने देव संस्कृति विवि के प्रतिकुलपति डॉ. चिन्मय पंड्या से भेंट की।
प्रति कुलपति ने कहा कि विश्वविद्यालय में विद्यार्थियों के बौद्धिक एवं भावनात्मक सभी पक्षों के विकास पर ध्यान दिया जाता है। संगीत भावनात्मक विकास में अत्यंत सहायक है। यहां संगीत चिकित्सा पर नवीन शोध कार्य हो रहे हैं। कई रोगों के इलाज में भी इसका प्रयोग किया जाता है। विश्वविद्यालय में संगीत एवं वादन में बीए एवं एमए के पाठ्यक्रम चलाए जा रहे हैं। इसमें विद्यार्थी शास्त्रीय संगीत, प्रज्ञा संगीत एवं अन्य कई रागों को सीखकर देश के विभिन्न राज्यों में सद्भावनाओं का का संचार कर रहे हैं। अध्यक्षता संगीत विभाग के अध्यक्ष डॉ. शिवनारायण प्रसाद ने की। इस दौरान विश्वविद्यालय के कुलपति शरद पारधी, कुलसचिव बलदाऊ देवांगन, विभिन्न विभाग के विभागाध्यक्ष, शिक्षक, विद्यार्थीगण एवं शांतिकुंज के शास्त्रीय संगीत प्रेमी कार्यकर्ता उपस्थित रहे।