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कागजों में अभियान, शहर से गांवों तक नहीं ठोस इंतजाम

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जिले में डेंगू और मलेरिया पैर पसारने लगा है व वायरल से भी बड़ी संख्या में लोग पीड़ित हैं। इसके बाद भी शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों में सफाई व्यवस्था ठप है। सड़कों के गड्ढों में बारिश का पानी भरा है। नालियां गंदगी से बजबजा रही हैं। प्रशासन का डेंगू रोधी अभियान कागजों में चल रहा है। शहर से लेकर देहात में मच्छर जनित और संक्रामक बीमारियां रोकने के लिए ठोस इंतजाम नहीं हैं। कीटनाशकों का छिड़काव तक नहीं हो रहा है।
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हरिद्वार जिले का शहरी क्षेत्र के अलावा रुड़की और लक्सर का इलाका डेंगू की दृष्टि से अति संवेदनशील है। कोरोनाकाल को छोड़कर बाकी सालों में इन क्षेत्रों में हर साल बरसात के बाद डेंगू और मलेरिया कहर बरपाता है। कोरोनाकाल में सैनिटाइजेशन से लोग मच्छर जनित बीमारियों की चपेट में आने से बचे रहे। लेकिन इस साल बारिश के बाद डेंगू और मलेरिया की दस्तक के साथ वायरल ने लोगों को पस्त कर दिया है। डेंगू रोधी अभियान चल रहे हैं। लेकिन जागरूकता एवं दवाओं का छिड़काव सिर्फ कागजों में हो रहा है। रुड़की क्षेत्र में मलेरिया से मौतों का सिलसिला भी शुरू हो गया है। हरिद्वार क्षेत्र में डेंगू के मरीज आ चुके हैं।
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डेंगू की दृष्टि से संवेदनशील हरिद्वार के क्षेत्र
टिबड़ी व शिवलोक, रोड़ी बेलवाला का मैदान, पंतद्वीप पार्किंग का मैदान, राजीव नगर बस्ती इलाका, लोधा मंडी, लाल मंदिर, रानीपुर मोड़ क्षेत्र, कनखल क्षेत्र, आवास विकास कॉलोनी, हज्जावान मोहल्ला, कस्सावान मोहल्ला।
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डेंगू और मलेरिया को फैलने से रोकने के लिए आशा कार्यकत्रियों को घर-घर जाकर जागरूक करने के निर्देश दिए गए हैं। स्वास्थ्य विभाग की टीम नगर निकायों और ग्राम पंचायतों की मदद से कीटनाशकों का छिड़काव कराया जा रहा है।
- डॉ. एसके झा, सीएमओ
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कहीं गंदगी का ढेर तो कहीं नाला चोक
पथरी। पंचायतों का कार्यकाल खत्म होने के बाद ग्राम प्रधानों के बस्ते जमा होने से ग्रामीण भगवान भरोसे हैं। गांवों की सफाई व्यवस्था ठप है। गांवों की सड़कों किनारे कूड़े के ढेर लगे हैं। जगह-जगह बारिश का पानी जमा है। कीटनाशक दवाओं का छिड़काव नहीं हुआ है। ग्रामीण सुखदेव पाल, नूतन कुमार, चंद्रशेखर, अब्बास अली, नजाकत अली, सुरेश कुमार ने बताया कि पहले साफ सफाई और कीटनाशक दवाओं के छिड़काव के लिए ग्राम प्रधानों पर दबाव बनाते थे। प्रधानों के बस्ते जमा होने के बाद अधिकारियों ने गांवों की तरफ देखना तक छोड़ दिया है। शाहपुर, बादशाहपुर, धनपुरा, फेरुपुर, पदार्था, बिशनपुर, रानीमाजरा, चांदपुर, कटारपुर, बहादरपुर जट, शिव नगर, नसीरपुर कलां, आदर्श टिहरी नगर, टिहरी डोब नगर, भक्तनपुर आबिदपुर आदि गांवों में वायरल के मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। पदार्था स्थित स्वास्थ्य केंद्र पर जांच की सुविधा नहीं है। चिकित्सक भी नियमित नहीं बैठते हैं। मरीजों को निजी अस्पतालों पर निर्भर रहना पड़ रहा है।
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प्रशासन ने गांवों की तरफ देखना छोड़ा
धनौरी। धनौरी क्षेत्र के गांवों में मलेरिया और डेंगू से निपटने के लिए ग्राम पंचायत स्तर पर कोई भी इंतजाम नहीं हैं। गांव के कई परिवार बुखार से पीड़ित हैं। निजी अस्पतालों में कइयों में डेंगू और मलेरिया की पुष्टि हुई है। गांवों में नालियों का पानी सड़क पर बह रहा है। गांव की सड़कों से लेकर खाली जगहों पर कूड़े के ढेर लगे हैं। गांव धनौरा, जस्ववाला, तेलीवाला, कोटामुराद नगर, हजारा ग्रंट, डालुवाला कला में महीनों से सफाई नहीं हुई है। ग्रामीण सुरेंद्र, संजय, वीरेंद्र, सोनू, पंकज, अंकित का कहना है कि गांवों में कीटनाशक दवा का छिड़काव होना चाहिए। तेलीवाला के युवक मंगल दल अध्यक्ष कुलदीप सैनी का कहना है कि गांवों की समस्याओं को लेकर कोई सुनने वाला नहीं है।
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बुखार फैलने से दहशत में ग्रामीण
लालढांग। क्षेत्र में वायरल का कहर है। हर घर में लोग बुखार से पीड़ित हैं। नालियों की सफाई और जल निकासी की व्यवस्था नहीं है। गंदगी और जलभराव से मच्छर पनप रहे हैं। डेंगू और संक्रामक बीमारियों की आशंका से लोगों में दहशत बनी है।
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