गंगा रक्षा संबंधी मांगों को लेकर अनशन कर रहे ब्रह्मचारी संत आत्मबोधानंद का अनशन खुलवाते जिलाधिक
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हरिद्वार। गंगा रक्षा संबंधी मांगों को लेकर अनशन कर रहे ब्रह्मचारी संत आत्मबोधानंद ने डेढ़ माह बाद शुक्रवार को अनशन समाप्त कर दिया। जिलाधिकारी विनय शंकर पांडे ने जूस पिलाकर अनशन तुड़वाया।
जिलाधिकारी ने मांगों के लिए शासन को संस्तुति पत्र भेजा है। जगजीतपुर कनखल स्थित मातृसदन आश्रम के ब्रह्मचारी संत आत्मबोधानंद गंगा रक्षा संबंधी छह मांगों के लिए 18 अगस्त से अनशन कर रहे थे। 30 सितंबर को जिलाधिकारी विनय शंकर पांडे व एसएसपी योगेंद्र सिंह रावत मातृ सदन आश्रम पहुंचे थे। उन्होंने मातृ सदन आश्रम के परमाध्यक्ष स्वामी शिवानंद सरस्वती व आत्माबोधानंद से मांगों को लेकर वार्ता की थी। इस पर उन्होंने अनशन समाप्त करने का आग्रह किया था, लेकिन उन्होंने अनशन समाप्त करने का आग्रह ठुकरा दिया था।
जिला प्रशासन के अधिकारियों के अनुरोध पर आत्मबोधानंद ने शहद लेना शुरू कर दिया था। शुक्रवार को फिर से जिलाधिकारी मातृ सदन आश्रम में पहुंचे, जहां उन्होंने अनशनरत आत्मबोधानंद व स्वामी शिवानंद से मांगों को लेकर वार्ता की। इस पर उन्होंने साध्वी पद्मावती व पूर्व प्रोफेसर ज्ञान स्वरूप सानंद के प्रकरणों को जांच के लिए एसआईटी गठित करने व रायवाला से लेकर भोगपुर तक पूर्ण रूप से खनन पर प्रतिबंध लगाने का संस्तुति पत्र शासन को भेजने की बात कही। इस पर मातृ सदन आश्रम के स्वामी शिवानंद सरस्वती व आत्मबोधानंद अनशन समाप्त करने पर तैयार हो गए।