फर्जी दस्तावेजों के आधार पर नौकरी पाने वाले सहायक अध्यापक को 10 माह बाद दोबारा सस्पेंड कर दिया गया है। मुख्य शिक्षा अधिकारी ने उन्हें सस्पेंड करते हुए विद्यालय से हटाकर उप शिक्षाधिकारी रुड़की कार्यालय में अटैच कर दिया है।
मुख्य शिक्षा अधिकारी शिव प्रसाद सेमवाल ने बताया कि रुड़की ब्लॉक के राजकीय प्राथमिक विद्यालय रहमतपुर के शिक्षक अनुभव गुप्ता पर फर्जी शैक्षिक और प्रमाण पत्रों के आधार पर नियुक्त पाने का आरोप लगा था। इससे पहले पिछले साल मार्च माह में भी शिक्षक को फर्जी प्रमाण पत्रों के आधार पर निलंबित किया गया था लेकिन विभागीय अधिकारियों ने जांच के बाद अनुभव गुप्ता को बहाल कर दिया था। शिकायतकर्ताओं ने उनकी बहाली पर सवाल उठाते हुए फिर जांच की मांग की थी। उन्होंने बताया कि कार्यालय ने मेरठ यूनिवर्सिटी से जांच कराई थी। वहां उनके दस्तावेजों में अनुभव गुप्ता अनुत्तीर्ण निकले।
आरोपी शिक्षक ने हाईस्कूल की अंक तालिका के विषयों में मिले अंकों को कंप्यूटर से स्कैन कर लिया था और जन्मतिथि में भी लगभग तीन वर्ष बढ़ा दिए थे। शिक्षक को अपना पक्ष रखने के लिए बुलाया गया था लेकिन हाईस्कूल की अंक तालिका और जन्मतिथि पर कोई पुख्ता सबूत नहीं दे सके। उन्होंने कहा कि उनके प्रमाण पत्र बाजार में गिरकर खो गए हैं जबकि उनकी ओर से प्रमाण पत्र गुम होने के किसी समाचार पत्र में विज्ञापन और पुलिस रिपोर्ट दस्तावेज नहीं दिखाए गए थे। मुख्य शिक्षा अधिकारी शिव प्रसाद सेमवाल ने बताया कि राजकीय प्राथमिक विद्यालय रहमतपुर सहायक अध्यापक अनुभव गुप्ता को निलंबित कर रुड़की उप शिक्षा अधिकारी कार्यालय से अटैच कर दिया गया है।