साढ़े चार साल बाद नंदा गौरा योजना से वंचित बेटियों को सरकार ने फिर से लाभ देने का मौका दिया है। पात्र बेटियां बाल विकास विभाग परियोजना कार्यालय में 17 दिसंबर तक आवेदन कर सकती हैं।
सरकार की ओर से जुलाई 2017 में नंदा गौरा योजना शुरू की गई थी। यह योजना बाल विकास विभाग की ओर से संचालित नंदा देवी योजना और समाज कल्याण विभाग में चलाई जाने वाली गौरा देवी कन्या धन योजना को मिलाकर बनाई गई थी।
जिसका संचालन का जिम्मा बाल विकास विभाग को दिया गया था। इसमें कक्षा 12वीं पास करने वाली छात्राओं को पांच हजार, अविवाहित रहते हुए डिप्लोमा, स्नातक उत्तीर्ण करने पर दस हजार और विवाह के समय 16 हजार रुपये दिए जाने थे। जो तीनों श्रेणी की पात्र हैं, उन्हें एक साथ मिलाकर कुल 31 हजार रुपये दिया जाना था।
उस समय अनेक बेटियां अपना आवेदन नहीं कर सकी थीं। क्योंकि समाज कल्याण से योजना बाल विकास विभाग में आने के कारण उन्हें सही जानकारी नहीं मिल पा रही थी। इसको देखते हुए अब ऐसी सभी वंचित बेटियों को योजना का लाभ दिए जाने के आदेश शासन की तरफ से किए गए हैं।
योजना का लाभ उठाने के लिए समस्त दस्तावेजों के साथ संबंधित बाल विकास परियोजना कार्यालय में जमा कराने होंगे। महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास विभाग के उप निदेशक डॉ. एसके सिंह ने सभी अधिकारियों को वंचित बेटियों को योजना का दिलाने के लिए प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिए हैं।